Friday, June 26, 2026
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‘धर्मग्रंथ के आधार पर नहीं बनते कानून’—योगेश कदम का बड़ा बयान

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मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पर चल रही चर्चा के दौरान राजनीतिक घमासान मच गया है। एनसीपी (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक द्वारा सदन में पाकिस्तान का संदर्भ दिए जाने पर जताई गई आपत्ति और बहुविवाह व धार्मिक अधिकारों को लेकर दिए गए बयान पर राजनीति गरमा गई है। इस पर राज्य के गृह मंत्री योगेश कदम ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि देश या राज्य में कोई भी कानून किसी धर्मग्रंथ को आधार बनाकर तैयार नहीं किया जाता है।

धर्मग्रंथ के आधार पर नहीं बनते कानून: योगेश कदम

विधायक सना मलिक को सीधे शब्दों में जवाब देते हुए गृह मंत्री योगेश कदम ने कहा कि वह यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि कानून निर्माण की प्रक्रिया में किसी भी धार्मिक पुस्तक या ग्रंथ के हिसाब से फैसले नहीं लिए जा सकते। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा विधिमंडल समाज के किसी भी घटक या वर्ग के साथ होने वाले अन्याय को खत्म करने और उसे न्याय दिलाने के लिए है, न कि किसी धर्मग्रंथ को आधार बनाकर निर्णय लेने के लिए।

अन्याय को रोकने के लिए बनते हैं नियम

योगेश कदम ने आगे कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अब तक जितने भी कानून बनाए गए हैं, वे किसी एक विशेष धर्म या समाज को ध्यान में रखकर तैयार नहीं किए जाते। कानून का एकमात्र उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों और अन्याय को समाप्त करना तथा हर नागरिक को समान अधिकार देना होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता का लक्ष्य भी समाज के सभी वर्गों के साथ न्याय सुनिश्चित करना है।

पाकिस्तान के जिक्र पर सना मलिक ने जताई थी आपत्ति

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब समान नागरिक संहिता विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन में पाकिस्तान का संदर्भ (जिक्र) आया। विधायक सना मलिक ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अपना तर्क रखा कि यूसीसी जैसे महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा के दौरान बेवजह पड़ोसी देश पाकिस्तान का हवाला देना पूरी तरह से अप्रासंगिक और गलत है। इसी बयान के बाद से सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है।