जल विवाद में बड़ी कार्रवाई: छह नामजद समेत 1500 लोगों पर केस

हांसी: स्थानीय उपमंडल के गांव चानौत में देर रात पानी की पाइपलाइन से अवैध टी-कनेक्शन हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईन (XEN) की शिकायत पर पुलिस ने गांव की महिला सरपंच, उनके प्रतिनिधि सहित 6 नामजद और करीब 1500 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस हिंसक झड़प में दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

अमृत योजना की पाइपलाइन से जुड़ा है विवाद

जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईन संजीव त्यागी ने दर्ज शिकायत में बताया कि अमृत योजना के तहत हांसी शहर को पानी सप्लाई करने के लिए भाखड़ा नहर से एक विशेष डीआई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। यह लाइन हांसी शहर से गांव चानौत खरकड़ी मोड़ तक दबाई जा चुकी है। आरोप है कि 20 जून को ग्रामीणों ने विभाग की अनुमति के बिना इस पाइपलाइन में एक अवैध टी-कनेक्शन लगा दिया था।

भारी पुलिस बल के साथ रात में हुई कार्रवाई

उच्चाधिकारियों के आदेश पर एक्सईन संजीव त्यागी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। सोमवार रात को वह उपायुक्त (DC) राहुल नरवाल, पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार, एसडीएम राजेश कोथ व विकास यादव और भारी पुलिस बल के साथ अवैध कनेक्शन हटाने चानौत खरकड़ी मोड़ पहुंचे थे।

प्रशासन का कहना है कि भीड़ के उग्र होने की आशंका को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रात के समय इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

अधिकारियों पर हमला और सरकारी काम में बाधा

शिकायत के अनुसार, मौके पर मौजूद पूर्व सरपंच सत्यवान, अनूप कुमार, सरपंच प्रतिनिधि हिमांशु, महिला सरपंच सरस्वती, विशाखा और सुधीर ने करीब 1000 से 1500 ग्रामीणों और महिलाओं को उकसाया। इसके बाद भीड़ ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल पर जान से मारने की नियत से ईंट, पत्थरों और डंडों से हमला कर दिया।

हमले के दौरान उपद्रवियों ने सरकारी काम में बाधा डाली और अधिकारियों को धमकी भी दी। इस पथराव में ईएएसआई प्रीतम सिंह और हेड कांस्टेबल वजीर सिंह को गंभीर चोटें आई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े।

39 दिनों से चल रहा है धरना, ग्रामीणों पर चौथी FIR

गांव चानौत में पिछले 39 दिनों से पानी की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना जारी है। इस आंदोलन के दौरान ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज होने वाली यह चौथी एफआईआर है। इससे दो दिन पहले ही पाइपलाइन में टी-कनेक्शन लगाने के आरोप में भी एक मामला दर्ज किया गया था।

SP की अपील: शरारती तत्वों से बचें, बातचीत का रास्ता अपनाएं

इस पूरे मामले पर हांसी के एसपी विनोद कुमार ने प्रेस वार्ता कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि धरना कमेटी की ओर से योजनाबद्ध तरीके से अवैध टी-कनेक्शन लगाया गया था। कुछ शरारती तत्व ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं और गांव का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। एसपी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं, धरना समाप्त करें और प्रशासन के साथ बातचीत का रास्ता अपनाएं क्योंकि संवाद के द्वार हमेशा खुले हैं।

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