मेहनत लाई रंग, पहले प्रयास में BPSC पास कर अभिनव बने स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर

दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले के अंतर्गत आने वाले बिरौल प्रखंड के छोटे से गांव पड़री के रहने वाले होनहार छात्र अभिनव कुमार ठाकुर ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता अर्जित की है। अभिनव ने अपने पहले ही प्रयास (फर्स्ट अटेम्प्ट) में इस कठिन परीक्षा को पास कर 'स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर' का प्रतिष्ठित पद हासिल किया है। उनकी इस शानदार कामयाबी से न केवल उनके परिवार का सिर ऊंचा हुआ है, बल्कि पूरे जिले का नाम रौशन हुआ है।

सीमित संसाधनों के बीच कपड़ा व्यवसायी के बेटे ने रचा इतिहास

अभिनव कुमार ठाकुर एक बेहद साधारण और मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता संजय ठाकुर गांव में ही एक छोटी सी कपड़े की दुकान चलाते हैं, जिससे उनके पूरे परिवार का गुजर-बसर होता है। वहीं उनकी माता ममता ठाकुर एक कुशल गृहिणी हैं। घर की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत न होने और सीमित संसाधन होने के बावजूद अभिनव के हौसलों में कोई कमी नहीं आई। उन्होंने अपनी कड़े अनुशासन, अटूट आत्मविश्वास और दिन-रात की कड़ी मेहनत के दम पर आज इस सर्वोच्च मुकाम को हासिल कर दिखाया है।

रामकृष्ण मिशन देवघर से हुई स्कूलिंग, फिर दिल्ली जाकर पूरा किया सपना

अभिनव बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में बेहद मेधावी और कुशाग्र बुद्धि के छात्र रहे हैं। अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा गांव के ही स्कूल से पूरी करने के बाद उनका चयन प्रतिष्ठित रामकृष्ण मिशन विद्यालय, देवघर (झारखंड) के लिए हुआ, जहां रहकर उन्होंने दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा हासिल करने और अपने सपनों को नई उड़ान देने के लिए देश की राजधानी दिल्ली चले गए। दिल्ली में रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक सेवा (सिविल सर्विसेज) में जाने का अपना बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया और बिना विचलित हुए लगातार इसकी तैयारी में जुट गए।

पहले ही प्रयास में मिली बड़ी कामयाबी, युवाओं के लिए बने रोल मॉडल

नियमित रूप से कई घंटों की सेल्फ स्टडी और सही रणनीति के बल पर अभिनव ने बीपीएससी की 70वीं परीक्षा में शामिल होकर अपने पहले ही प्रयास में बाजी मार ली। उन्हें राज्य सरकार के कर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर का पद मिला है। उनकी इस अभूतपूर्व उपलब्धि को ग्रामीण क्षेत्र के उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़े प्रेरणास्रोत (रोल मॉडल) के रूप में देखा जा रहा है, जो सुख-सुविधाओं की कमी के कारण आगे बढ़ने से कतराते हैं।

सफलता की खबर आते ही पड़री गांव में बंटी मिठाइयां, क्षेत्र में हर्ष का माहौल

जैसे ही अभिनव के स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर बनने की आधिकारिक खबर उनके गृहग्राम पड़री पहुंची, पूरा गांव जश्न के माहौल में डूब गया। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने अभिनव के घर पहुंचकर उनके माता-पिता को बधाई दी और पूरे इलाके में मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया।

इस अवसर पर स्थानीय सरपंच संघ के अध्यक्ष व जाने-माने समाजसेवी अच्युतानंद ठाकुर ने कहा कि अभिनव ने इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी सफलता पाकर हमारे पूरे क्षेत्र का गौरव और मान बढ़ाया है। वहीं ग्रामीण बुजुर्ग घनश्याम राय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अभिनव की यह शानदार जीत ग्रामीण परिवेश और देहाती माहौल में रहकर पढ़ाई करने वाले अन्य प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

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