लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को अपने पद और लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर देश को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर अब यह माना जा रहा है कि वे आगामी चुनावों में नेतृत्व के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों से लेबर पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर असंतोष लगातार बढ़ रहा था, जिसके बाद बढ़ते राजनीतिक दबाव के कारण उन्हें यह बड़ा कदम उठाना पड़ा।
पार्टी के भीतर बढ़ता असंतोष और गिरती लोकप्रियता
कीर स्टार्मर का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब लेबर पार्टी के कई सांसदों और मंत्रियों ने उनकी कार्यशैली पर खुलेआम सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन और जनता के बीच लगातार गिरती लोकप्रियता ने उन पर पद छोड़ने का भारी दबाव बना दिया था। कई नीतिगत बदलावों (यू-टर्न) और आम जनता के जीवनस्तर में सुधार के वादों को पूरा न कर पाने के कारण उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचा था, जिससे पार्टी के भीतर उनके विरोधी मुखर हो गए।
उपचुनाव में प्रतिद्वंद्वी की जीत और उत्तराधिकारी की रेस
स्टार्मर के लिए मुश्किलें तब और गंभीर हो गईं जब उनके मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहैम ने मेकरफील्ड उपचुनाव में शानदार जीत हासिल कर संसद में वापसी की। इस बड़ी जीत के बाद बर्नहैम के समर्थकों ने स्टार्मर से तुरंत पद छोड़ने की मांग तेज कर दी। हालांकि स्टार्मर ने शुरुआत में किसी भी चुनौती का सामना करने की बात कही थी, लेकिन राजनीतिक वास्तविकताओं को देखते हुए आखिरकार उन्होंने पीछे हटने का फैसला किया। वर्तमान में एंडी बर्नहैम देश के अगले प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नए नेता बनने की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।
ब्रिटेन की राजनीति में बढ़ता अस्थिरता का दौर
कीर स्टार्मर के इस फैसले के साथ ही ब्रिटेन की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन का एक अभूतपूर्व दौर देखने को मिल रहा है, जिसके तहत देश को पिछले सात वर्षों में छठा प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। पिछले एक दशक में डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक जैसे कद्दावर नेता भी ब्रेक्जिट विवाद, आर्थिक मंदी, आंतरिक कलह और महामारी के दौर में अपनी नीतियां सफल न होने के कारण अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके थे। स्टार्मर का जाना इसी राजनीतिक अस्थिरता की एक नई कड़ी माना जा रहा है।

