NEET 2026 Re-Exam के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा,सेना के जहाज से लाये जा रहे हैं क्वेश्चन पेपर,5 लाख से ज्यादा जवान तैनात 

NEET UG 2026 Re-Exam 21 June नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का री-एग्जाम 21 जून यानी रविवार को  आयोजित किया जा रहा ह. पेपर लीक विवाद के बाद रद्द की गई परीक्षा को दोबारा कराने के लिए केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं. परीक्षा में 22 लाख से अधिक छात्र शामिल होने वाले हैं.

NEET UG 2026 Re-Exam 21 June:5 लाख से अधिक सुरक्षा कर्मी तैनात

परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए देशभर में 5 लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल की संभावना को रोका जा सके.

सेना के हेलिकॉप्टर से लाये जा रहे हैं प्रश्नपत्र

बार बार पीरक्षा के पेपर लीक के आरोपों से परेशान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा केंद्रों तक क्वेशन पेपर सही तरीके से पहुंचाने के लिए सेना के विमानों के सहारा लिया है. सभी राज्यों में क्वेश्चन पेपर इंडियन एयर फ़ोर्स के हेलीकॉप्टर से पहुँचाए गये हैं और क्वेश्चन पेपर्स को सेंट्रल बैंक के स्ट्रांग रूम में रखा जा रहा है.

 AI और CCTV से होगी निगरानी

इस बार परीक्षा केंद्रों पर 1 लाख से अधिक CCTV कैमरों और AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है. सभी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की जाएगी और फुटेज को कम से कम 90 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा. परीक्षा के बाद भी फुटेज का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा.

बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन जांच

फर्जी उम्मीदवारों को रोकने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और फेस रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा. परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की पहचान कई चरणों में जांची जाएगी.

पेपर तैयार करने की प्रक्रिया भी हाई सिक्योरिटी में

NTA ने केवल परीक्षा केंद्रों पर ही नहीं बल्कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर भी विशेष निगरानी रखी है. बड़े प्रश्न बैंक, अधिक पेपर सेटर्स और सख्त गोपनीयता प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं.प्रश्नपत्रों को एन्क्रिप्टेड डिजिटल सिस्टम के जरिए सुरक्षित तरीके से प्रिंटिंग केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है.

20 जून को हुआ मॉक ड्रिल

री-एग्जाम से एक दिन पहले 20 जून को देशभर में मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा केंद्रों की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी सिस्टम की जांच की गई. इसका उद्देश्य किसी भी संभावित खामी को पहले ही दूर करना था.

छात्रों के लिए नई सुविधाएं

NTA ने छात्रों के लिए कुछ उम्मीदवार-अनुकूल बदलाव भी किए हैं. परीक्षा अवधि 195 मिनट रखी गई है. प्रश्न पुस्तिका में अतिरिक्त रफ वर्क पेज दिए गए हैं ताकि परीक्षार्थियों को सुविधा मिल सके.

फर्जी संदेशों से सावधान रहने की सलाह

NTA ने अभ्यर्थियों को फर्जी कॉल, मैसेज और पेपर लीक के दावों से सावधान रहने को कहा है. एजेंसी ने आधिकारिक व्हाट्सएप सेवा भी शुरू की है, जिसके जरिए छात्रों को प्रमाणित जानकारी भेजी जा रही है.

सरकार ने की तैयारियों की समीक्षा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा से पहले उच्च स्तरीय बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को परीक्षा की पारदर्शिता के साथ-साथ छात्रों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

 दरअसल पेपर लीक विवाद के बाद NEET की ये  परीक्षा NTA और सरकार दोनों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गई है और ऐसा लग रहा है कि सरकार अपनी तरफ से परीक्षा के आयोजन में कोई कोर कसर नहीं रखना चाहती है.

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