IIT Gandhinagar Curiosity Program 2026 लखनऊ : उत्तर प्रदेश में योगी सरकार लगातार शिक्षा के स्तर के सुधार कर उसे उच्च मानकों पर स्थापित करने में लगी हुई है. योगी सरकार के इस प्रयास का असर भी दिखाई दे रहा है. उच्च तकनीती शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की बेटियों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. प्रदेश के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) का चयन देश के प्रतिष्ठित आईआईटी गांधीनगर द्वारा संचालित क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम के लिए किया गया है.
यह चयन ना केवल इन विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि उत्तर प्रदेश की बेटियां अब राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचकर अपने सपनों को नई उड़ान दे रही हैं.
IIT Gandhinagar Curiosity Program 2026:प्रयागराज और गाजियाबाद के विद्यालयों को मिला मौका
शिक्षा विभाग के अनुसार, 13 से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले ओरिएंटेशन कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद की छात्राएं भाग लेंगी.
प्रत्येक विद्यालय से दो छात्राओं और एक शिक्षिका को इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा. इस दौरान छात्राएं देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में होने वाली पढ़ाई, शोध और नवाचार गतिविधियों को करीब से समझ सकेंगी.
पूरे साल के शानदार प्रदर्शन का मिला पुरस्कार
आईआईटी गांधीनगर के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (CCL) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए चयन उन विद्यालयों का किया गया है जिन्होंने पूरे वर्ष क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया.
- KGBV कौड़िहार-1, प्रयागराज ने 50 में से 46 सत्रों में भाग लेकर 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई. विद्यालय ने 48 में से 39 वर्कशीट भी जमा कराईं.
- KGBV लोनी, गाजियाबाद ने 50 में से 49 सत्रों में भागीदारी की और 98 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की. इसके अलावा 48 में से 42 वर्कशीट सफलतापूर्वक जमा की गईं.
इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन और सक्रिय भागीदारी के आधार पर दोनों विद्यालयों को इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के लिए चुना गया है.
विज्ञान और नवाचार की दुनिया से होगा परिचय
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को विज्ञान, गणित, नवाचार, रचनात्मक अधिगम और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों से रूबरू कराया जाएगा. उन्हें आईआईटी गांधीनगर के शैक्षणिक माहौल, शोध संस्कृति और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को समझने का अवसर मिलेगा.0
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, नई खोजों के प्रति रुचि बढ़ाने और उच्च शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
ग्रामीण पृष्ठभूमि की छात्राओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राएं अध्ययन करती हैं. ऐसे में आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का अनुभव उनके लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है.
यह कार्यक्रम छात्राओं को यह विश्वास दिलाएगा कि सीमित संसाधनों के बावजूद वे देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों तक पहुंच सकती हैं और भविष्य में वैज्ञानिक, शोधकर्ता, इंजीनियर या नवप्रवर्तक बन सकती हैं.
योगी सरकार की पहल ला रही सकारात्मक बदलाव
प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को केवल आवासीय स्कूलों तक सीमित न रखकर उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बालिका सशक्तीकरण के केंद्र के रूप में विकसित कर रही है. डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास, विज्ञान एवं गणित आधारित गतिविधियां, नवाचार कार्यक्रम और राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ाव जैसी पहलों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है.
प्रयागराज और गाजियाबाद की छात्राओं का आईआईटी गांधीनगर के लिए चयन इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश की बेटियां अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर बढ़ रही हैं.

