भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी 2027 के सीजन को अपने पारंपरिक समय से थोड़ा पहले आयोजित करने की एक बड़ी योजना पर काम कर रहा है। क्रिकेट बोर्ड के मुख्यालय मुंबई से सामने आ रही जानकारियों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में मई के महीने में पड़ने वाली जानलेवा गर्मी और उमस से खिलाड़ियों व दर्शकों को राहत दिलाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने इस बात की पुष्टि की है कि अगले साल से आईपीएल को 10 मार्च से शुरू करके 15 मई तक पूरी तरह संपन्न कराने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर की व्यस्तताओं को देखते हुए मैचों की कुल संख्या 74 ही रखी जाएगी, इसे बढ़ाकर 94 करने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है।
खिलाड़ियों की सेहत और प्रशंसकों की सहूलियत प्राथमिकता
आमतौर पर आईपीएल का कारवां मार्च के अंतिम सप्ताह में शुरू होकर मई के आखिरी दिनों तक चलता है। सचिव सैकिया का मानना है कि यदि टूर्नामेंट को दो सप्ताह पहले खिसका दिया जाए, तो यह खेल के हित में होगा। उन्होंने कहा, "इस साल का सीजन 28 मार्च से 31 मई तक आयोजित किया गया था। हमारे सामने व्यावहारिक समस्या यह आती है कि 15 मई के बाद देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून की गतिविधियां और असमय बारिश मैचों का मजा किरकिरा कर देती हैं। इसके साथ ही मई के अंत तक तापमान अपने चरम पर होता है, जो मैदान पर फील्डिंग कर रहे खिलाड़ियों और स्टैंड्स में बैठे प्रशंसकों, दोनों के स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।"
एबी कुरुविला को नया ड्राफ्ट शेड्यूल तैयार करने के निर्देश
क्रिकेट बोर्ड के आला अधिकारियों और आईपीएल संचालन परिषद (गवर्निंग काउंसिल) के बीच इस मुद्दे पर मैराथन बैठकें हो रही हैं। सैकिया ने बताया, "मई के आखिरी पखवाड़े में बढ़ते पारे से निपटने का एकमात्र रास्ता यही है कि हम मार्च की शुरुआत में ही लीग का आगाज कर दें। इसके लिए मैंने खेल विकास विभाग के महाप्रबंधक और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एबी कुरुविला को स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं। वे एक ऐसा नया और व्यावहारिक ड्राफ्ट शेड्यूल (खेल कार्यक्रम) तैयार कर रहे हैं, जिससे पूरा टूर्नामेंट 10 मार्च से 15 मई की विंडो के भीतर सुरक्षित रूप से सिमट जाए।"
सचिव ने स्वीकार किया कि आईपीएल के दौरान भारत के उत्तरी, मध्य और पश्चिमी राज्यों में चलने वाली लू (हीटवेव) को लेकर कई विदेशी और घरेलू खिलाड़ियों के साथ-साथ मैदान पर मैच देखने आने वाले फैंस ने भी बोर्ड से शिकायतें की थीं, क्योंकि हर कोई इतने कड़े मौसम में लगातार खेलने का आदी नहीं होता।
74 ही रहेंगे मैच, आईसीसी (ICC) कैलेंडर का रखा जाएगा ध्यान
मैचों की संख्या में बढ़ोतरी की अटकलों को खारिज करते हुए बीसीसीआई सचिव ने स्पष्ट किया कि इसे 74 से बढ़ाकर 94 करना इस समय बिल्कुल नामुमकिन है। उन्होंने तर्क दिया, "हमें दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड्स और वहां से आने वाले विदेशी सितारों के हितों का सम्मान करना होता है। वैश्विक स्तर पर बड़ी मशक्कत और आपसी तालमेल के बाद हमें आईसीसी से यह दो महीने का विशेष समय (विंडो) मिलता है। इससे ज्यादा समय मांगना व्यावहारिक नहीं है क्योंकि अन्य देशों को भी अपनी द्विपक्षीय सीरीज खेलनी होती हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य की स्थिति के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसे बड़े क्रिकेट देशों के खिलाड़ियों की उपलब्धता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए मैचों की संख्या में कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा।

