UP Religious Tourism लखनऊ :उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर बड़े स्तर पर काम कर रही है. इसी कड़ी में प्रदेश के 8 जिलों में 33 पर्यटन एवं धार्मिक विकास परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू कराया जा रहा है. इन परियोजनाओं पर लगभग 79.18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
UP Religious Tourism:आस्था के साथ विकास पर फोकस
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता “आस्था के साथ विकास” है. इसी सोच के तहत धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना, टेंपल इकोनॉमी को मजबूत बनाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करना है.
31 मार्च 2026 तक पूरी होंगी परियोजनाएं
पर्यटन विभाग ने 31 मार्च 2026 तक स्वीकृत परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. परियोजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि जारी कर दी गई है और कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को 8 जिलों की 33 परियोजनाओं के निर्माण का दायित्व सौंपा गया है. इनकी कुल अनुमानित लागत 79.17 करोड़ रुपये से अधिक है.
आधुनिक सुविधाओं से जुड़ेंगे धार्मिक स्थल
सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और आस्था स्थलों को आधुनिक बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा जाए. इससे न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी.
इन परियोजनाओं में लखनऊ और सीतापुर की एक-एक परियोजना, मिर्जापुर की 7, भदोही की 5, सोनभद्र की 2, हमीरपुर की 2, महोबा की 3, बांदा की 6 तथा चित्रकूट की 6 परियोजनाएं शामिल हैं.
नैमिषारण्य से चित्रकूट तक होगा विकास
सरकार ने लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित हुलासखेड़ा के पर्यटन विकास के लिए लगभग 11.99 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. वहीं सीतापुर के प्रसिद्ध नैमिषारण्य धाम में बेदारण्यम स्थापना कार्य के लिए 1.49 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं.
मिर्जापुर की 7 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 1.04 करोड़, करोड़, 79.64 लाख, 1.94 करोड़, 1.97 करोड़, 83.69 लाख, 88.87 लाख और 2.15 करोड़ रुपये के करीब धनराशि स्वीकृत की गई है. इसी प्रकार भदोही जनपद की 5 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 1.03 करोड़, 1.47 करोड़, 1.45 करोड़ 99.97 लाख, 1.25 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है. वहीं सोनभद्र जनपद की 2 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 1.25 करोड़ और 1.16 करोड़ रुपये की धनराशि को मंजूरी मिली है.
चित्रकूट को मिला सबसे बड़ा बजट
स्वीकृत परियोजनाओं में चित्रकूट को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है. जिले की छह परियोजनाओं के लिए 1.81 करोड़ से लेकर 9.05 करोड़ रुपये तक की धनराशि स्वीकृत की गई है. इससे रामायण सर्किट और धार्मिक पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निवेश की असीम संभावनाएं हैं. धार्मिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन सेवाओं और हस्तशिल्प क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा. इससे बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में
सरकार के अनुसार अधिकांश परियोजनाओं के लिए निविदा प्रक्रिया तेजी से चल रही है. कई परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि शेष पर जल्द काम शुरू कराया जाएगा.
प्रदेश सरकार का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है. इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी.

