G7 में 16 महीने बाद मिले मोदी-ट्रंप, दोनों की गर्मजोशी भरी मुलाकात बनी चर्चा का केंद्र

G 7 Modi-Trump Meeting : फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 16 महीने बाद पहली सार्वजनिक मुलाकात ने वैश्विक कूटनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बन गए हैं.

G 7 Modi Trump Meeting:मैक्रों ने किया पीएम मोदी का स्वागत

जी-7 सम्मेलन की मेजबानी कर रहे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कार्यक्रम शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी का विशेष स्वागत किया. उन्होंने प्रधानमंत्री को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया और कुछ देर तक अनौपचारिक बातचीत भी की.

इसके बाद सम्मेलन स्थल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी आमने-सामने आए. दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया और संक्षिप्त बातचीत की. हालांकि इस दौरान कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई, लेकिन इस मुलाकात ने कई कूटनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया.

16 महीने बाद आमने-सामने आए दोनों नेता

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले 16 महीनों में दोनों नेताओं की कोई सार्वजनिक प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं हुई थी. ऐसे समय में जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं, यह मुलाकात विशेष महत्व रखती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप दिया जा सकता है.

सातवीं बार G7 सम्मेलन में शामिल हुए मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं. भारत इस सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में 13वीं बार शामिल हो रहा है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी लगातार सातवीं बार जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं.

फ्रांस पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में संक्षिप्त प्रवास के दौरान स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन से भी मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा हुई.

कई वैश्विक नेताओं से करेंगे द्विपक्षीय बैठकें

जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है. वे कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान समेत कई प्रमुख नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे.

सबसे ज्यादा चर्चा 17 जून को प्रस्तावित मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय बैठक को लेकर है. माना जा रहा है कि इस बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, रक्षा सहयोग और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है.

व्यापार समझौते पर रहेगा विशेष फोकस

व्हाइट हाउस की ओर से संकेत दिए गए हैं कि मोदी और ट्रंप की प्रस्तावित बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा. दोनों देश लंबे समय से व्यापारिक सहयोग को नई दिशा देने के प्रयास कर रहे हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस दिशा में प्रगति होती है तो इससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं.

इन मुद्दों पर होगी वैश्विक चर्चा

फ्रांस में आयोजित इस जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, जापान, कनाडा और फ्रांस के अलावा भारत समेत कई प्रमुख देशों के नेता शामिल हुए हैं.

सम्मेलन का मुख्य एजेंडा वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूती देना, जलवायु परिवर्तन से निपटना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नियमन पर चर्चा, मध्य पूर्व की स्थिति और यूक्रेन संकट जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्रित है.

भारत-अमेरिका संबंधों के लिए अहम संकेत

मोदी और ट्रंप की गर्मजोशी भरी मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है. आगामी द्विपक्षीय बैठक से दोनों देशों के बीच व्यापार, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक मंचों पर सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. G7 सम्मेलन में हुई यह मुलाकात आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में से एक मानी जा रही है.

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