अमेरिका-ईरान डील की मेजबानी करेगा पाकिस्तान,स्विट्जरलैंड में सील होगी डील

US-Iran Deal इस्लामाबाद : अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 107 दिनों से चला आ रहा भीषण युद्ध आखिरकार खत्म हो गया है. दोनों देशों ने अपने इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक ऐतिहासिक शांति समझौते (पीस डील) को अंतिम रूप दे दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्धविराम की आधिकारिक घोषणा की, जिसने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया था. इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संसद में एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि पाकिस्तान स्विट्जरलैंड के जेनेवा में इस ऐतिहासिक हस्ताक्षर समारोह (Signing Ceremony) की मेजबानी करेगा. यह कार्यक्रम 19 जून को आयोजित किया जाना है.

US-Iran Deal : विश्व शांति की दिशा में ऐतिहासिक कदम-शहबाज शरीफ

पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने इस समझौते को दुनिया के लिए एक ‘हिस्टोरिक माइलस्टोन’ बताया है. उन्होंने कहा, यह केवल दो देशों के बीच का समझौता नहीं है, बल्कि यह शांति, बातचीत और कूटनीति (Diplomatic Success) की बड़ी जीत है. इस युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा ढांचे को हिलाकर रख दिया था। शरीफ ने बताया कि यह नई शुरुआत तीन महीने और 16 दिनों की कड़ी कोशिशों के बाद मुमकिन हो पाई है, जिसके बाद अमेरिका और ईरान ने लेबनान सहित अपनी सभी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने का फैसला किया. उन्होंने मुश्किल हालातों में धैर्य और समझदारी दिखाने के लिए दोनों देशों के नेतृत्व की सराहना की.

फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भूमिका को सराहा

पीएम शहबाज शरीफ ने इस पूरी शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के योगदान की जमकर तारीफ की. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शहबाज ने संसद में कहा कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने युद्ध की आग को बुझाने और शांति स्थापित करने में बेहद सक्रिय और अहम भूमिका निभाई है.

उन्होंने आगे कहा, “बातचीत के दौरान कई ऐसे नाजुक मोड़ आए जब लगा कि मामला बिगड़ जाएगा और प्रक्रिया खत्म हो जाएगी, लेकिन मुनीर ने हिम्मत नहीं हारी. उन्हीं के अथक प्रयासों का नतीजा है कि कल रात युद्धविराम की घोषणा हो सकी.”

पाकिस्तानियों के लिए गर्व का दिन, अर्थव्यवस्था को मिलेगी राहत

शहबाज शरीफ ने इस मौके पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज का दिन देश और दुनिया भर में रहने वाले सभी पाकिस्तानियों के लिए गर्व का दिन है. उन्होंने आवाम को भरोसा दिलाया कि इस शांति समझौते के बाद वैश्विक आर्थिक स्थिरता का जो भी लाभ होगा, सरकार उसे हर पाकिस्तानी तक पहुंचाएगी. गौरतलब है कि इस युद्ध के विनाशकारी प्रभावों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे देश उबरने की कोशिश कर रहा है.

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