प्योंगयांग: उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने देश के एक नए परमाणु सामग्री उत्पादन संयंत्र (न्यूक्लियर मटेरियल प्रोडक्शन प्लांट) का दौरा किया है। इस दौरान उन्होंने देश की परमाणु क्षमता को और अधिक मजबूत करने और हथियारों के तेजी से विस्तार का आदेश दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम जोंग उन ने दावा किया कि पिछले पांच सालों में देश के भीतर हथियार-ग्रेड (वेपन-ग्रेड) परमाणु सामग्री बनाने की क्षमता दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ चुकी है, और इस नए प्लांट के शुरू होने से इसमें और अधिक इजाफा होगा।
अत्याधुनिक सेंट्रीफ्यूज का किया निरीक्षण
आधिकारिक तौर पर जारी की गईं तस्वीरों में किम जोंग उन को यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) के लिए इस्तेमाल होने वाले सेंट्रीफ्यूज की एक बहुत लंबी श्रृंखला का बारीकी से निरीक्षण करते हुए देखा गया। बताया जा रहा है कि इस नए संयंत्र में पहले के मुकाबले बेहद आधुनिक और उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो परमाणु सामग्री के उत्पादन को कई गुना बढ़ाने की क्षमता रखती है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से इस नए परमाणु संयंत्र की सटीक लोकेशन का खुलासा नहीं किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने जताई चिंता
उत्तर कोरिया की इन बढ़ती परमाणु गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) पहले ही गहरी चिंता जता चुकी है। एजेंसी ने उत्तर कोरिया के योंगब्योन और कांगसॉन स्थित यूरेनियम संवर्धन केंद्रों में बढ़ती हलचल को भांप लिया था। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में एजेंसी ने योंगब्योन में एक नए संवर्धन केंद्र के निर्माण की पुष्टि भी की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया अब केवल परमाणु अनुसंधान (रिसर्च) तक सीमित नहीं है, बल्कि वह बड़े पैमाने पर परमाणु हथियारों के व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ा चुका है।
उत्तर कोरिया के पास हैं कितने परमाणु हथियार?
अमेरिकी कांग्रेसनल रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया के पास वर्तमान में लगभग 90 परमाणु वारहेड (परमाणु बम) तैयार करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। इनमें से वह करीब 50 परमाणु वारहेड पहले ही पूरी तरह से तैयार कर चुका है। इसके अलावा, देश ने हाल के दिनों में कई ऐसी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) का भी सफल परीक्षण किया है, जिनकी जद में पूरा अमेरिका आता है।
वैश्विक स्तर पर भी बढ़ रहा है परमाणु खतरा
उत्तर कोरिया ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी परमाणु हथियारों की होड़ तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में जारी की गई ‘न्यूक्लियर वेपन्स बैन मॉनिटर 2026’ की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में सेनाओं के पास तुरंत इस्तेमाल के लिए उपलब्ध (तैनाती योग्य) परमाणु वारहेड की संख्या बढ़कर 9,745 तक पहुंच चुकी है। वैश्विक स्तर पर रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) आज भी सबसे बड़े परमाणु शस्त्रागार वाले देश बने हुए हैं, जिनके पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियारों का जखीरा है।

