पटना | बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया का आज दूसरा दिन है। पहले दिन किसी भी राजनीतिक दल के उम्मीदवार ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया। इस बीच, प्रत्याशियों के चयन को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के खेमे में जबरदस्त राजनीतिक सरगर्मी देखी जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं। सुबह उन्होंने दोनों उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की, जिसके बाद मंत्री लेशी सिंह भी विचार-विमर्श के लिए उनके आवास पर पहुंचीं।
नीतीश कुमार को सौंपी गई संभावितों की सूची, अंतिम मंथन जारी
जदयू के अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विधान परिषद के संभावित प्रत्याशियों की एक सूची पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा नीतीश कुमार को सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री अब इन नामों पर गहराई से विचार कर रहे हैं। दोनों उपमुख्यमंत्रियों और पार्टी के अन्य वरिष्ठ रणनीतिकारों के साथ दौर-ब-दौर चर्चा करने के बाद ही नीतीश कुमार अंतिम नामों पर अपनी मुहर लगाएंगे। माना जा रहा है कि पार्टी में आम सहमति बनते ही उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जल्द ही जारी कर दी जाएगी।
खाली हो रही सीटों का गणित और उपचुनाव की तैयारी
जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनमें से चार सीटें वर्तमान में जनता दल यूनाइटेड के पास हैं। जदयू के सदस्य गुलाम गौस, भीष्म सहनी, कुमुद वर्मा और श्रीभगवान सिंह कुशवाहा का कार्यकाल आगामी 28 जून को समाप्त होने जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जिस एक सीट पर उपचुनाव होना है, वह पहले नीतीश कुमार के पास थी। उनके राज्यसभा चले जाने के कारण यह सीट रिक्त हो गई है। इस खाली सीट पर भी जदयू अपना ही उम्मीदवार उतारने की पूरी तैयारी में है।
इन चेहरों पर टिकी हैं निगाहें, जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सामाजिक और जातीय समीकरणों को संतुलित करने के लिए इस बार कई नए और पुराने चेहरों पर दांव खेला जा सकता है। वर्तमान में जदयू की तरफ से कुर्मी समाज से निशांत कुमार, कोईरी समाज से राजीव कुमार सिंह, अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) से ललन मंडल और अल्पसंख्यक समुदाय से गुलाम रसूल बलियावी के नामों की सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार इन चर्चित चेहरों में से किनके नाम पर अपनी अंतिम स्वीकृति देते हैं।

