मैहर में भाजपा नेता के घर सनसनी: टॉयलेट से निकले कोबरा के 15 बच्चे, दहशत में भागा परिवार

मैहर | मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है। यहाँ एक भाजपा (BJP) नेता के घर के शौचालय (टॉयलेट) से एक-दो नहीं, बल्कि कोबरा सांप के करीब 15 बच्चे (संपोले) निकले। टॉयलेट के भीतर इतनी बड़ी संख्या में सांप के बच्चों को रेंगते देख पूरे परिवार के होश उड़ गए और घर में अफरा-तफरी मच गई। यह अनोखी घटना शहर के वार्ड नंबर 15 की है, जहाँ भाजपा नेता पारसनाथ तिवारी का निवास स्थान है। घटना की खबर मिलते ही घर के बाहर स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गनीमत यह रही कि समय रहते एक सर्प विशेषज्ञ को बुला लिया गया, जिसने सूझबूझ से सभी संपोलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

टॉयलेट की नाली में रेंगते दिखे दर्जनों जहरीले संपोले

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बुधवार की है। वार्ड नंबर 15 स्थित भाजपा खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक पारसनाथ तिवारी के घर का एक सदस्य जब सामान्य रूप से बाथरूम में गया, तो उसकी नजर नाली पर पड़ी। नाली के भीतर और आसपास सांप के छोटे-छोटे बच्चे रेंग रहे थे। यह खौफनाक मंजर देखकर वह युवक डर के मारे चिल्लाता हुआ तुरंत बाहर भागा। जब उसने परिजनों को अंदर का हाल बताया, तो परिवार के अन्य सदस्यों ने भी टॉयलेट में जाकर देखा। वहां दो दर्जन के करीब छोटे सांप नाली के रास्ते बाहर आने की कोशिश कर रहे थे, जिसे देखकर पूरा परिवार सहम गया।

सर्प मित्र ने संभाला मोर्चा, बोतल में कैद किए कोबरा के बच्चे

बाथरूम में रेंगते सांपों को देखकर भाजपा नेता ने बिना वक्त गंवाए तुरंत एक स्थानीय सर्प मित्र (स्नेक कैचर) से संपर्क किया और उन्हें अपने घर बुलाया। मौके पर पहुंचे सर्प मित्र ने बेहद सावधानी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और टॉयलेट की नाली में छिपे कोबरा के एक-एक बच्चे को सुरक्षित ढंग से बाहर निकालकर प्लास्टिक की एक बड़ी बोतल में बंद कर दिया। सभी संपोलों को काबू में करने के बाद सर्प मित्र उन्हें अपने साथ ले गया और सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। इस दौरान पूरे घर और टॉयलेट की सघन तलाशी ली गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई और सांप या उनकी मां घर के किसी कोने में न छिपी हो।

खुली रह गई पाइपलाइन बनी सांपों के आने का रास्ता

घर के भीतर इतनी बड़ी संख्या में कोबरा के बच्चों के पहुंचने के पीछे एक लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले ही पारसनाथ तिवारी के घर के शौचालय में वॉशबेसिन की मरम्मत का काम कराया गया था। प्लंबिंग के काम के दौरान नाली से जुड़ी मुख्य पाइपलाइन का एक हिस्सा खुला ही रह गया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी खुली हुई पाइपलाइन के रास्ते जमीन के नीचे या आसपास से कोबरा के ये बच्चे रेंगते हुए टॉयलेट के भीतर तक पहुंच गए थे। फिलहाल, रेस्क्यू के बाद पूरे परिवार ने राहत की सांस ली है।

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