नई दिल्ली। दिल्ली की जनता के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर सामने आई है। पिछले नौ वर्षों से कछुआ गति से चल रही 'बारापुला फेज-तीन एलिवेटेड कॉरिडोर' परियोजना का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आगामी 30 जून तक इस पूरे फ्लाईओवर को तैयार करने की डेडलाइन तय की है। इस कॉरिडोर के चालू होने से पूर्वी दिल्ली (यमुनापार) से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और दक्षिण दिल्ली की तरफ सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों को रोजाना के भारी ट्रैफिक से मुक्ति मिल जाएगी।
दूरी होगी कम, मयूर विहार से महज 15 मिनट में पहुंचेंगे एम्स
इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के अंतर्गत मयूर विहार फेज-एक से लेकर सराय काले खां तक यमुना नदी के ऊपर लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा एक शानदार एलिवेटेड पुल निर्मित किया जा रहा है। वर्तमान स्थिति की बात करें तो यमुनापार से आने वाले लोगों को रिंग रोड के रास्ते लंबे चक्कर काटकर एम्स जाना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है। इस नए फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद मयूर विहार से एम्स तक का सफर सिर्फ 15 से 20 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
जमीन विवाद और प्रशासनिक सुस्ती से लटका रहा प्रोजेक्ट
इस महत्वाकांक्षी योजना की नींव साल 2014 में रखी गई थी और इसे 2017 तक ही मुकम्मल करने का लक्ष्य था। मगर, जमीनी हकीकत कुछ और ही रही; अधिकारियों की लापरवाही और यमुना खादर में किसानों के साथ जमीन अधिग्रहण के कानूनी पेच के कारण यह प्रोजेक्ट बीच में ही अटक गया। कई सालों तक इस रूट का काम पूरी तरह बंद पड़ा रहा। लंबे समय बाद जब प्रशासनिक स्तर पर भूमि विवाद को सुलझाया गया, तब जाकर दोबारा निर्माण कार्य में तेजी आ सकी।
लेटलतीफी से बजट का बढ़ा बोझ, चल रही है जांच
नौ साल की इस लंबी देरी का सबसे बड़ा नुकसान सरकारी खजाने को उठाना पड़ा है। वक्त पर काम न होने की वजह से कंस्ट्रक्शन मटीरियल के दाम बढ़ गए, जिसके चलते इस प्रोजेक्ट की कुल लागत में कई सौ करोड़ रुपये का इजाफा हो चुका है। इस लेटलतीफी और धांधली के असल कारणों का पता लगाने और लापरवाह अधिकारियों पर शिकंजा कसने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) द्वारा इस पूरे मामले की बारीकी से जांच भी की जा रही है।
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने किया मुआयना, रंग-बिरंगी लाइटों से सजेगा कॉरिडोर
हाल ही में लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने जमीनी स्तर पर बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने भरोसा जताया कि 30 जून तक मुख्य कार्य पूरा कर लिया जाएगा, हालांकि फिनिशिंग के कुछ हिस्सों में थोड़ा अतिरिक्त समय लग सकता है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पूरे कॉरिडोर को आकर्षक और रंग-बिरंगी लाइटिंग से सजाया जाए, ताकि रात के समय यहाँ से गुजरने वाले दिल्लीवासियों को एक बेहतरीन और खूबसूरत विजुअल अनुभव मिल सके।

