राशन कार्ड में बदलाव, 2.5 लाख तक आय वाले दिल्लीवासियों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को एक बड़ी राहत देने का मन बना लिया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि अब राशन कार्ड बनवाने के लिए तय की गई वार्षिक आय की सीमा को बढ़ाया जा रहा है। सरकार के इस कदम से दिल्ली के उन लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा, जो मामूली आय बढ़ने के कारण इस जनकल्याणकारी योजना के दायरे से बाहर हो गए थे।

सालाना आय की लिमिट ₹1.20 लाख से बढ़कर होगी ढाई लाख, कैबिनेट की मुहर का इंतजार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पूर्व में राशन कार्ड के लिए जरूरी पारिवारिक आय की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये वार्षिक किया गया था। अब इस दायरे को और व्यापक बनाते हुए सालाना आय सीमा को सीधे ढाई लाख रुपये करने की अंतिम तैयारी चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल (कैबिनेट) के भीतर विस्तार से चर्चा हो चुकी है और आगामी कैबिनेट बैठक में इसे औपचारिक रूप से हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने पिछली व्यवस्थाओं पर तंज कसते हुए कहा कि बीते 13 वर्षों से दिल्ली के लाखों जरूरतमंद लोग सिर्फ एक कार्ड के लिए दफ्तरों और नेताओं के चक्कर काटने को मजबूर थे।

महा-ऑडिट में पकड़े गए 7.72 लाख फर्जी और अपात्र कार्ड धारक; सूची से कटे नाम

दिल्ली में नई सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री की अंत्योदय अन्न योजना के तहत पारदर्शिता लाने के लिए पिछले एक साल के दौरान मौजूदा राशन कार्ड धारकों का एक विस्तृत 'आडिट' (सत्यापन) कराया गया। इस जांच में बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जिसके बाद कुल 7 लाख 72 हजार से अधिक अपात्र लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं:

  • आय सीमा से बाहर: करीब 1.44 लाख ऐसे कार्ड धारक मिले जो तय आय की शर्तों को पूरा नहीं करते थे।

  • राशन न लेने वाले: लगभग 35 हजार लोग ऐसे पाए गए जिन्होंने कार्ड होने के बावजूद कभी राशन का उठाव ही नहीं किया।

  • मृतक व फर्जी: वेरिफिकेशन के दौरान 19 हजार कार्ड धारक मृत पाए गए।

डिजिटल पोर्टल पर नए राशन कार्ड के लिए आवेदन शुरू, प्रक्रिया हुई बेहद आसान

अपात्र लोगों के नाम हटाए जाने से खाली हुए कोटे की जगह अब दिल्ली के वास्तविक और गरीब पात्र परिवारों के नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए आगामी 15 मई से आधिकारिक डिजिटल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आवेदन जमा करने से लेकर लाभार्थियों तक अनाज पहुंचाने की पूरी व्यवस्था को शत-प्रतिशत डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि बीच के बिचौलियों को खत्म कर राशन की हर एक बोरी सीधे हकदार तक पहुंच सके।

दिल्ली में लागू हुआ खाद्यान्न सुरक्षा नियम 2026

गरीबों को मिलने वाले मुफ्त अथवा रियायती अनाज की कालाबाजारी रोकने और व्यवस्था को कानूनी रूप से मजबूत करने के लिए दिल्ली में 'खाद्यान्न सुरक्षा नियम 2026' को प्रभावी ढंग से लागू कर दिया गया है। नई नियमावली के तहत अब किसी भी पात्र परिवार को उनके अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि आय सीमा में ढील दिए जाने के बाद इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए दिल्ली के हर उस कोने तक राशन पहुंचाया जाए, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।

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