भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवांशिक बीमारी के उन्मूलन में जागरूकता और जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। समय पर जांच और समुचित उपचार से रोग को नियंत्रित किया जा सकता है। जानकारी के अभाव में यह बीमारी माता-पिता से बच्चों तक पहुंच जाती है, लेकिन सजगता, सहयोग और सावधानी से इसका उन्मूलन संभव है। राज्यपाल पटेल बुधवार को बैतूल के भीमपुर में सिकल सेल स्वास्थ्य शिविर एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके भी मौजूद थे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही हैं। देशभर में लगभग 7 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन इसी दिशा में मजबूत कदम है। राज्यपाल पटेल ने बैतूल जिले में सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों की सराहना की। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास” के संकल्प से सिकल सेल उन्मूलन का आह्वान किया।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि कोई भी बच्चा सिकल सेल से प्रभावित नहीं हो। इसके लिए विवाह से पूर्व लड़का और लड़की के स्वास्थ्य कार्ड का मिलान अवश्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन के लिए एलोपैथी, आयुर्वेद और होम्योपैथी में शोध एवं उपचार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्यपाल पटेल ने सिकल सेल और टी.बी. मरीजों को तैलीय एवं फास्ट फूड नहीं खाने, पौष्टिक आहार लेने, नियमित व्यायाम करने तथा अनुशासित जीवन शैली अपनाने की सलाह दी।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बैगा, सहरिया और भारिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना, जनजातीय ग्रामों की अधोसंरचना विकास और मूलभूत सुविधाओं की दृष्टि से अभूतपूर्व है। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों का मानचित्र तैयार कर सरकार के प्रयासों को आवश्यकताओं के अनुरूप पहुँचाने के निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि शिक्षा ही प्रगति और सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। बेटियों को प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों को अच्छी शिक्षा देने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री जनजातीय मामले दुर्गादास उइके ने कहा कि भीमपुर में सिकल सेल जांच मशीन का लोकार्पण जनजातीय एवं वंचित समुदायों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। केंद्रीय मंत्री उईके ने राज्यपाल पटेल के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में चल रहे सिकल सेल जागरूकता एवं उन्मूलन प्रयासों की सराहना की।
सिकल सेल एवं थैलेसीमिया जांच मशीन “गजेल” का लोकार्पण
राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में सिकल सेल एनीमिया एवं थैलेसीमिया जांच की अत्याधुनिक मशीन “गजेल” का लोकार्पण किया। राज्यपाल पटेल को बताया गया कि मशीन जनजातीय बाहुल्य भीमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्थापित की जाएगी। सिकल सेल एनीमिया एवं थैलेसीमिया जैसी आनुवंशिक रक्त संबंधी बीमारियों की त्वरित एवं सटीक जांच में सहायक होगी।
“मिशन रानी” अभियान का किया शुभारंभ
राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में “मिशन रानी” अभियान का भी शुभारंभ किया। अभियान में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा जनजातीय कार्य विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। यह अभियान महिलाओं, किशोरी बालिकाओं एवं गर्भवती माताओं में एनीमिया नियंत्रण के लिए प्रारंभ किया गया है। अभियान का उद्देश्य एनीमिया में कमी लाना, रक्त में हीमोग्लोबिन स्तर में सुधार करना तथा सिकल सेल एवं थैलेसीमिया जैसी बीमारियों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करना है। अभियान के तहत हीमोग्लोबिन जांच, संपूर्ण रक्त जांच, सीरम फेरिटिन, विटामिन बी-12 एवं विशेष रक्त परीक्षण किए जाएंगे।
हितलाभ वितरण और प्रदर्शनी अवलोकन
राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया। सिकल मित्र प्रमाण पत्र, जेनेटिक कार्ड, फूड बास्केट, मां गंगा आजीविका स्वयं सहायता समूह, सी.सी.एल. राशि प्रदान की। सी.बी.एस.ई. कक्षा 12वीं में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर सेजल उईके, राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शिवानी उईके तथा अंतर्राष्ट्रीय कराटे में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कल्याणी कोड़पे को सम्मानित किया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, वन और स्वास्थ्य विभाग के स्टालों का भी निरीक्षण किया। विभागीय गतिविधियों, योजनाओं की जानकारी ली। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

