शनिश्चरी अमावस्या पर ओंकारेश्वर में उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

इंदौर/खंडवा। शनिश्चरी अमावस्या और वीकेंड (शनिवार-रविवार) की लगातार छुट्टियों के चलते प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में देश भर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। तीर्थयात्रियों के इस भारी हुजूम को देखते हुए और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक विशेष ट्रैफिक प्लान (यातायात योजना) तैयार किया है, जिसके तहत मुख्य मार्गों पर बड़े बदलाव किए गए हैं।

श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इंदौर-खंडवा मार्ग पर अगले तीन दिनों तक सभी प्रकार के भारी कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से आम यात्रियों को जाम से निजात मिलेगी और सफर के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।

18 मई की सुबह तक प्रभावी रहेगा यह कड़ा आदेश

इंदौर के जिला कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा जारी किए गए आधिकारिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक, इंदौर के तेजाजी नगर चौराहे से खंडवा की ओर जाने वाले और खंडवा से इंदौर की तरफ आने वाले मुख्य मार्ग पर भारी मालवाहक गाड़ियों (ट्रक-कंटेनर) की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी।

यह प्रतिबंधात्मक आदेश 15 मई की रात 12 बजे से प्रभावी हो चुका है, जो 18 मई की सुबह 8 बजे तक लागू रहेगा। प्रशासन ने सभी ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, कमर्शियल वाहन स्वामियों और चालकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए इस अवधि में वैकल्पिक (दूसरे) रास्तों का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है।

ओंकारेश्वर में उमड़ सकते हैं रिकॉर्ड तोड़ दर्शनार्थी

धार्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र मानी जाने वाली शनिश्चरी अमावस्या के पावन अवसर पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की तादाद कई गुना बढ़ जाती है। इस बार अमावस्या के साथ रविवार और सरकारी छुट्टियों का संयोग होने से भीड़ की संभावना और अधिक प्रबल हो गई है।

आमतौर पर इस विशेष पर्व पर केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान सहित कई राज्यों से शिवभक्त बाबा भोलेनाथ के दर्शन और नर्मदा स्नान के लिए यहां आते हैं। इसी स्थिति को भांपते हुए दोनों जिलों का प्रशासनिक अमला पूरी तरह से मुस्तैद और अलर्ट मोड पर है।

सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम, चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस

यातायात को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए घाटों, मंदिर परिसर और मुख्य चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। जगह-जगह पर ट्रैफिक पुलिस की विशेष टीमें तैनात रहेंगी ताकि किसी भी प्वाइंट पर वाहनों की कतारें न लगें। अमूमन इस मार्ग पर घाट सेक्शन होने के कारण भारी वाहनों की वजह से मील लंबा जाम लग जाता है, जिससे बचने के लिए इस बार प्रशासन ने पहले से ही किलेबंदी कर ली है।

यात्रियों और वाहन चालकों के लिए जरूरी गाइडलाइन

प्रशासनिक अधिकारियों ने ओंकारेश्वर की ओर रुख करने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान धैर्य बनाए रखें और यातायात के नियमों का सख्ती से पालन करें। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले संवेदनशील संवेदनशील इलाकों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। वहीं, भारी वाहनों के ऑपरेटरों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे निर्धारित समय सीमा समाप्त होने से पहले इस प्रतिबंधित रूट पर गाड़ियां न लाएं। दोनों जिलों का वरिष्ठ प्रशासनिक अमला पल-पल की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहा है।

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