PM Modi’s Motorcade : वैश्विक ऊर्जा संकट और मिडिल ईस्ट के तनावपूर्ण हालातों के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बड़ा संदेश दिया है. तेल बचाने की अपील के बाद उन्होंने खुद अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है. बुधवार को सामने आए वीडियो में पीएम मोदी के काफिले में सिर्फ दो गाड़ियां दिखाई दीं. इसे ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बड़ा प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है.
ये वीडियो प्रधानमंत्री जी के काफिले का बताया जा रहा है। कहा गया है कि अब पीएम मोदी मात्र दो गाड़ियों में चल रहे हैं। न जैमर वाहन है, न ही एंबुलेंस है और न ही एस्कॉर्ट/पायलट वाहन दिख रहा है।अगर ये सच है तो बढ़िया है। उम्मीद है कि दर्जनों गाड़ियाँ लेकर चलने वाले नेताजी कुछ समझेंगे। pic.twitter.com/FsfY1QeKd8
— Jitender Bhardwaj (@journo_jitendra) May 13, 2026
PM Modi’s Motorcade:पहले 12-15 गाड़ियां होती थीं शामिल
पहले प्रधानमंत्री के काफिले में करीब 12 से 15 गाड़ियां शामिल रहती थीं. इनमें बख्तरबंद वाहन, एस्कॉर्ट कारें, जैमर यूनिट, डिकॉय वाहन और एम्बुलेंस शामिल होती थीं.
अब सुरक्षा प्रोटोकॉल को बनाए रखते हुए गाड़ियों की संख्या घटाई गई है. यह फैसला एसपीजी सुरक्षा मानकों के तहत लिया गया है.
अमित शाह ने भी घटाया काफिला
प्रधानमंत्री के बाद केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के काफिले में भी गाड़ियों की संख्या कम नजर आई. उनके काफिले में सुबह सिर्फ चार गाड़ियां दिखाई दीं. इसे सरकार की ऊर्जा बचत मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है.
#WATCH | Visuals of Union Home Minister leaving his residence. Following Prime Minister Narendra Modi’s appeal, Union Home Minister @AmitShah also downsized his convoy, reducing it to less than half. pic.twitter.com/pYQj0QrSqH
— All India Radio News (@airnewsalerts) May 13, 2026
बीजेपी अध्यक्ष ने भी लिया संकल्प
Nitin Nabin ने भी अपने काफिले की गाड़ियां कम करने का ऐलान किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पीएम मोदी ने फिर साबित किया है कि वे सही मायने में ‘प्रधानसेवक’ हैं. उन्होंने कहा कि जब नेतृत्व खुद उदाहरण पेश करता है तो वह जनआंदोलन बन जाता है.
वैश्विक संकट के बीच संसाधन बचाने का संदेश
मिडिल ईस्ट संकट के चलते दुनिया ऊर्जा और व्यापारिक दबाव झेल रही है. भारत भी कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है. ऐसे में पीएम मोदी का यह कदम आम जनता को संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश देता है. सरकार का मानना है कि छोटे-छोटे प्रयास देशहित में बड़ा बदलाव ला सकते हैं.

