फतेहाबाद: शहर के बहुचर्चित योगेश गोस्वामी हत्याकांड में अदालत ने अपना कड़ा फैसला सुना दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल की कोर्ट ने इस सनसनीखेज हत्या के मामले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों—पिता और उसके दो बेटों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 16,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पिता और दो बेटों को मिली उम्रकैद
अदालत ने हत्या के इस गंभीर मामले में विनोद उर्फ विनोदी और उसके दो बेटों, अरुण उर्फ काकू और गुलशन उर्फ कन्नू को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना है। सुनवाई के दौरान सामने आया कि इस मामले में नामजद विनोद की माता धन्नत की मौत अदालती कार्रवाई के बीच ही हो गई थी। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को कड़ी सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया है।
उलाहना देने गए परिवार पर जानलेवा हमला
यह मामला 23 मई 2022 की रात का है, जब रामनिवास मोहल्ले में खूनी संघर्ष हुआ था। मृतक के भाई नवीन कुमार की शिकायत के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब आरोपियों ने उनके भतीजे सिद्धार्थ के साथ बाजार से लौटते समय झगड़ा किया। जब योगेश गोस्वामी, अपनी पत्नी पूनम और बेटे सिद्धार्थ के साथ आरोपियों के घर शिकायत (उलाहना) देने जा रहे थे, तभी रास्ते में ही हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और लाठियों व धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
चाकू के वार से गई योगेश की जान
हमले के दौरान दोषियों ने योगेश पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। इस हमले में योगेश की पत्नी और भतीजे को भी चोटें आईं। योगेश को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्मों के ताव न सहते हुए उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए 24 मई 2022 को एफआईआर दर्ज की थी।
अदालत का कड़ा संदेश और जुर्माना
दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने पुलिस द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों को सही पाया। दोषियों को न केवल हत्या (धारा 302) बल्कि अन्य संबंधित धाराओं के तहत भी दोषी ठहराया गया। उम्रकैद की सजा सुनाते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समाज में हिंसा फैलाने वाले ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुर्माने की राशि अदा न करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

