नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शनिवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दौरा कर वहां चल रहे संचालन और विस्तार कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने इस पूरी परियोजना को आईजीआई एयरपोर्ट को एक वैश्विक स्तर के विमानन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम करार दिया। उपराज्यपाल ने अधिकारियों के साथ भविष्य की योजनाओं पर मंथन किया और इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली का यह हवाई अड्डा प्रधानमंत्री के तकनीकी रूप से सशक्त विमानन क्षेत्र के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विमानन बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण और प्रगति
हवाई अड्डे के विस्तार कार्यों का जायजा लेते हुए उपराज्यपाल ने चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की सराहना की और इसे देश के बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। अधिकारियों ने उनके समक्ष वर्तमान संचालन और आगामी विस्तार योजनाओं की एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसे देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि सभी कार्य तय मानकों के अनुरूप हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह एयरपोर्ट न केवल यात्रियों की संख्या के मामले में बल्कि अत्याधुनिक सुविधाओं के प्रावधान में भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ केंद्रों में शुमार होगा।
पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास की मिसाल
उपराज्यपाल ने दिल्ली एयरपोर्ट द्वारा पर्यावरण के प्रति निभाई जा रही जिम्मेदारी की विशेष रूप से प्रशंसा की और वहां लागू 'जीरो वेस्ट टू लैंडफिल' नीति को सराहा। उन्होंने जल संचयन की उन्नत प्रणालियों को देखते हुए इसे सतत विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया और कहा कि इस तरह के प्रयास अन्य विकास परियोजनाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनने चाहिए। उनके अनुसार आर्थिक प्रगति के साथ-साथ प्रकृति का संरक्षण करना अनिवार्य है और दिल्ली एयरपोर्ट इस दिशा में टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर के नए मानक स्थापित कर रहा है।
निवेश और पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकास
राजधानी की वैश्विक पहचान को और मजबूत करने के उद्देश्य से एलजी ने सुझाव दिया कि एयरोसिटी इकोसिस्टम का लाभ उठाकर दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को इस दिशा में एक ठोस और प्रभावी रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए ताकि पर्यटन के क्षेत्र में भी नई संभावनाओं के द्वार खुल सकें। उनका मानना है कि एक विश्वस्तरीय हवाई अड्डा न केवल यात्रा का माध्यम है बल्कि यह देश की आर्थिक प्रगति और वैश्विक छवि को निखारने का एक सशक्त जरिया भी है।
यात्री सुविधाओं और ध्वनि प्रदूषण पर विशेष ध्यान
दौरे के दौरान उपराज्यपाल ने यात्रियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनके अनुभवों को साझा किया और इस बात पर बल दिया कि यात्रियों की सुविधा और उनकी संतुष्टि ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विमानों से होने वाले शोर प्रदूषण के गंभीर मुद्दे को भी उठाया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय निवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी समाधान निकालें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली को एक ऐसा विमानन हब बनाया जाएगा जो व्यापार और निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ अपनी सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का भी पूरी ईमानदारी से पालन करेगा।

