‘ऑपरेशन सिंदूर’ से तबाह जैश मुख्यालय फिर से हो रहा है तैयार,पाकिस्तान सरकार ने दिए 25 करोड़

Operation Sindoor :बहावलपुर/नई दिल्ली: ठीक एक साल पहले भारतीय वायुसेना ने सीमा पार जाकर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की कमर तोड़ दी थी लेकिन अब जो खबरें आ रही हैं, वे चिंताजनक हैं. 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत ध्वस्त किया गया जैश का बहावलपुर स्थित मुख्यालय ‘मरकज सुभानल्लाह’ एक बार फिर आकार लेने लगा है. चौंकाने वाली बात यह है कि इसे फिर से खड़ा करने वाला कोई और नहीं बल्कि पाकिस्तान की सरकार है. पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार जो खुद कंगाली की कगार पर खड़ी है उसने इस हालत में भी इस आंतकी गढ़ को फिर से खड़ा करने के लिए 25 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि दी है.

Operation Sindoor 7 मई 2025 में जब आसमान से बरसी थी मौत

आज से एक साल पहले, 7 मई 2025 को भारतीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 07 मिनट 24 सेकंड पर भारतीय वायुसेना की मिसाइलों ने मरकज सुभानल्लाह के मुख्य परिसर को निशाना बनाया था.

India-wanted terrorist killed.
India-wanted terrorist killed.

उस सटीक हमले में जैश के मुख्यालय के तीन गुंबद जमींदोज हो गए थे और मुख्य हॉल में एक गहरा गड्ढा बन गया था. इस एयरस्ट्राइक ने न केवल ढांचा तबाह किया था, बल्कि जैश के कई शीर्ष कमांडरों को भी ढेर कर दिया था.

एक्सक्लूसिव तस्वीरें: कैसे हो रहा है पुनरुद्धार?

इंटरनेशनल मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक बहाबलपुर में  मरकज सुभानल्लाह के अंदर और बाहर मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है.

  • गुंबदों का काम: 10 मार्च से क्षतिग्रस्त गुंबदों को ईंट और सरिये से रिपेयर किया जा रहा है. फिलहाल इन पर प्लास्टर का कोट चढ़ाया गया है और लकड़ी के ढांचे का सहारा दिया गया है.

  • हॉल का कायाकल्प: मुख्य हॉल के गड्ढों को सीमेंट से भरकर मलबा साफ कर दिया गया है।

  • मदरसा अल साबिर: भारतीय वायुसेना की 3 मिसाइलों ने जिस मदरसा अल साबिर और रिहायशी मकान को मिट्टी में मिला दिया था, वहां से मलबा हटाकर अब नई ईंटों के चट्टे लगा दिए गए हैं.

बीते साल 7 मई को मसूद अजहर के कुनबे का हुआ था सफाया

बता दें कि पिछले साल हुए इस हमले में भारत का वांटेड आतंकी और मसूद अजहर का बहनोई यूसुफ अजहर मारा गया था. इसके अलावा, मरकज का प्रमुख हाफिज जमील अहमद, रऊफ असगर का बेटा हुजैफा अजहर और हमजा जमील जैसे खूंखार आतंकी भी जहन्नुम पहुंचा दिए गए थे.

मरियम नवाज सरकार और ‘इलीट पुलिस’ का संरक्षण

सूत्रों के अनुसार, मरकज सुभानल्लाह की सुरक्षा और निर्माण की जिम्मेदारी पाकिस्तान की पंजाब सरकार (मरियम नवाज प्रशासन) की स्पेशल यूनिट “इलीट पुलिस” संभाल रही है. जो पुलिस आतंकवाद विरोधी अभियानों और VIP सुरक्षा के लिए बनी है, वह आज जैश के इस आतंकी अड्डे की रखवाली कर रही है. परिसर की दीवारों को पहले से और ऊंचा कर दिया गया है, ताकि बाहर से कुछ भी देखा न जा सके.

पाकिस्तान की दोहरी चाल उजागर

अक्टूबर 2025 में मिली 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की मदद यह साबित करती है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना आज भी आतंकवाद को अपनी स्टेट पॉलिसी के रूप में इस्तेमाल कर रही है. एक तरफ दुनिया के सामने आर्थिक मदद की गुहार लगाना और दूसरी तरफ आतंकियों के मुख्यालय को सरकारी खर्च पर दोबारा बनवाना, पाकिस्तान की नीयत को साफ उजागर करता है.


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