Kolkata Strong Room Controversy : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान के बाद राज्य की राजधानी कोलकाता में सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है. ईवीएम (EVM) और पोस्टल बैलट की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भारी हंगामा हुआ. टीएमसी (TMC) ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए धांधली का आरोप लगाया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा.
Kolkata Strong Room Controversy : दोपहर से शुरू हुआ विवाद, टीएमसी ने लगाया गंभीर आरोप
विवाद की शुरुआत दोपहर करीब 3:30 बजे हुई. उत्तर कोलकाता की 7 सीटों की ईवीएम नेताजी इंडोर स्टेडियम और खुदिराम अनुशीलन केंद्र में बने स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई थीं. टीएमसी का आरोप है कि उन्हें शाम 4 बजे स्ट्रॉन्ग रूम दोबारा खोलने का ईमेल मिला, लेकिन जब उनके नेता कुणाल घोष और शशि पांजा वहां पहुंचे, तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया. टीएमसी ने दावा किया कि अंदर प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में पोस्टल बैलट और पिंक पेपर के साथ छेड़छाड़ की जा रही थी.
सड़कों पर उतरीं ममता बनर्जी, कार्यकर्ताओं का धरना
मामला बढ़ता देख टीएमसी नेता कुणाल घोष और शशि पांजा स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठ गए. कुछ ही देर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गईं. ममता ने पहले ही कार्यकर्ताओं को 24 घंटे स्ट्रॉन्ग रूम पर नजर रखने की हिदायत दी थी. ममता बनर्जी ने न केवल नेताजी इंडोर स्टेडियम का दौरा किया, बल्कि भवानीपुर के सखावत मेमोरियल स्कूल भी पहुंचीं, जहां वह घंटों तक डटी रहीं.
बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं में तीखी नोकझोंक
जैसे ही ममता बनर्जी और अन्य बड़े नेता मौके पर पहुंचे, वहां भारी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता भी जमा हो गए. दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी और तीखी बहस हुई. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा. करीब 6 घंटे तक पूरा इलाका राजनीतिक अखाड़ा बना रहा.
चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज
विवाद पर सफाई देते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं और सीसीटीवी की निगरानी में हैं. आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी प्रक्रियाएं एजेंटों और ऑब्जर्वर्स की मौजूदगी में ही की गई हैं. आयोग ने टीएमसी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कोई भी बाहरी व्यक्ति अंदर नहीं गया था.
बीजेपी का पलटवार: ‘हार के डर से डर रही है टीएमसी’
बीजेपी नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को टीएमसी का ‘हताशा भरा ड्रामा’ करार दिया. बीजेपी उम्मीदवार तपस रॉय ने कहा कि हार सुनिश्चित देखकर टीएमसी अफवाहें फैला रही है. वहीं, प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “यह बुझने से पहले टिमटिमाती हुई लौ है. ममता बनर्जी को अपनी हार का अंदाजा हो गया है, इसलिए वे अपनी पार्टी को बचाने के लिए यह सब कर रही हैं.”
फिलहाल रात होते-होते टीएमसी ने अपना धरना खत्म कर दिया है, लेकिन 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले बंगाल में तनाव की स्थिति बनी हुई है.

