राम वन गमन पथ: अब जीवंत होंगे रामायण के पन्ने, श्रद्धालुओं को होगा ‘त्रेतायुग’ का साक्षात अनुभव

सतना: भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट के निकट स्थित रामवन (सज्जनपुर) अब एक नए और भव्य स्वरूप में नजर आने वाला है। मध्य प्रदेश सरकार यहाँ 15 करोड़ रुपए की लागत से मंदिर परिसर का विस्तार कर रही है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को न केवल दर्शन कराना है, बल्कि उन्हें डिजिटल माध्यमों से रामायण काल के गौरवशाली इतिहास और भगवान राम के वनवास की कहानियों से रूबरू कराना है।

'वनवासी राम लोक' में डिजिटल गैलरी और नौका विहार

परियोजना के तहत रामवन में एक अत्याधुनिक 'रामायण इंटरप्रिटेशन सेंटर' और डिजिटल गैलरी बनाई जा रही है। यहाँ डिजिटल साइनबोर्ड और क्यूआर कोड के जरिए मूर्तियों व चित्रों के पीछे की कहानियाँ समझाई जाएंगी। इसके अलावा, पर्यटकों के आकर्षण के लिए नौका विहार की सुविधा और आधुनिक यात्री निवास का निर्माण भी किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य यहाँ आने वाले हर भक्त को 'त्रेतायुग' जैसा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है।

भारत माला प्रोजेक्ट: चित्रकूट, मैहर और रामवन की बढ़ेगी कनेक्टिविटी

रामवन के इस विकास को 'भारत माला प्रोजेक्ट' के साथ जोड़ा गया है। इसके तहत चित्रकूट, मैहर और रामवन को हाई-स्पीड सड़कों से जोड़ा जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि विंध्य क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। सरकार इन स्थानों को अयोध्या की तर्ज पर आध्यात्मिक हब के रूप में विकसित कर रही है।

8 जिलों के 23 धर्मस्थलों का होगा कायाकल्प

यह परियोजना केवल रामवन तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश के 8 जिलों के 23 प्रमुख धार्मिक स्थलों को इस मास्टरप्लान में शामिल किया गया है। अकेले सतना जिले में कामदगिरी (चित्रकूट), स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, भरत कूप, हनुमान धारा, अनुसुइया आश्रम और मैहर की पहाड़ी पर सौंदर्यीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इस व्यापक विस्तार से विंध्य क्षेत्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक नई और विशिष्ट पहचान मिलेगी।

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