कैंपस में ‘इमरजेंसी’ जैसे हालात: चौथी छात्रा की जान जाने के बाद NIT कुरुक्षेत्र खाली करने के निर्देश।

कुरुक्षेत्र | नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र इस समय गहरे शोक और आक्रोश के दौर से गुजर रहा है। महज आठ हफ्तों के भीतर चौथी छात्रा द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाने के बाद संस्थान में हालात बेकाबू हो गए हैं। बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के तमाम विद्यार्थियों के लिए तत्काल अवकाश की घोषणा कर दी है।

19 अप्रैल तक खाली करना होगा परिसर

प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, सभी छात्र-छात्राओं को 19 अप्रैल 2026 तक अपने-अपने हॉस्टल खाली करने की समयसीमा दी गई है। हालांकि, मैनेजमेंट इसे आगामी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दी गई छुट्टियां बता रहा है, लेकिन कैंपस में मौजूद छात्र इसे विरोध की आवाज दबाने का तरीका मान रहे हैं। छात्रों का कहना है कि संस्थान ने पहले कभी इस तरह अचानक और इतनी लंबी छुट्टियां नहीं दीं।

न्याय के लिए रातभर सड़कों पर रहे छात्र

ताजा मामला छात्रा दिक्शा दुबे की मौत से जुड़ा है, जिसकी जांच अब पुलिस के हाथों में है। इस घटना के बाद बीती रात हजारों छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर ठोस नीतियां बनाई जाएं, प्रोफेशनल काउंसलिंग की व्यवस्था हो और प्रशासन अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी ले। विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थान में बढ़ता मानसिक दबाव एक गंभीर संकट का रूप ले चुका है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।

Latest news

Related news