Donald Trump Oil वॉशिंगटन: एक तरफ अमेरिका ईरान के साथ शांति समझौते के लिए पाकिस्तान में डेलिगेशन के साथ बातचीत कर रहा है , वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को देशों को तेल खरीदने के लिए अमेरिका बुलाने के लिए प्रलोभन दे रहे हैं. अमरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया पर एक ट्ववीट करके सभी को चौंका दिया है.
PRESIDENT TRUMP on TruthSocial: Massive numbers of completely empty oil tankers, some of the largest anywhere in the World, are heading, right now, to the United States to load up with the best and “sweetest” oil (and gas!) anywhere in the World.
We have more oil than the next… pic.twitter.com/7eu34V5XWS
— Donald J Trump Posts TruthSocial (@TruthTrumpPost) April 11, 2026
Donald Trump Oil:ट्रंप ने दुनिया को दिया अमेरिका से तेल खरीदने का न्योता
ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को सीधे तौर पर अमेरिका से जुड़ने का न्योता देते हुए देश को दुनिया के सबसे मजबूत और आकर्षक तेल बाजार के रूप में पेश किया है. ‘ट्रुथ सोशल’ पर अपनी एक पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अमेरिका दुनिया भर के खरीदारों का इंतजार कर रहा है और अब समय आ गया है कि वे अपने टैंकरों को अमेरिकी तेल से भर लें.
दुनिया के बड़े देश खाली टैंकरों लेकर निकल पड़े हैं अमेरिका-ट्रंप
ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि दुनिया के कुछ सबसे विशाल टैंकरों सहित बड़ी संख्या में खाली तेल टैंकर इस समय अमेरिका की ओर रुख कर रहे हैं. इन टैंकरों का लक्ष्य उस अमेरिकी तेल और गैस को हासिल करना है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने गुणवत्ता के मामले में दुनिया में ‘सबसे अच्छा’ और ‘सबसे मीठा’ (Sweetest) करार दिया है. अपने दावे को मजबूती देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास मौजूद तेल का भंडार, दुनिया के अगले दो सबसे बड़े उत्पादक देशों के कुल योग से भी कहीं अधिक है.
स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर ईरान का सख्त पहरा
यह बयान ऐसे समय में आया है जब होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल मचा रखी है. राष्ट्रपति ट्रंप के इन दावों की पुष्टि आंकड़े भी करते दिख रहे हैं. अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 तक अमेरिका में पेट्रोलियम पदार्थों का उत्पादन 22 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंचने का अनुमान है. यह उत्पादन स्तर रूस और सऊदी अरब के संयुक्त उत्पादन के बराबर या उससे अधिक होगा, जो वैश्विक बाजार में अमेरिकी प्रभुत्व की मुहर लगाता है.
ईरान के खिलाफ अपनी आक्रामक रणनीति को जारी रखते हुए ट्रंप ने ऊर्जा को एक रणनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है. उन्होंने तेहरान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बाधित करने की कोशिश कर रहा है. ट्रंप ने दो टूक चेतावनी दी है कि तेल की वैश्विक आपूर्ति हर हाल में जारी रहेगी, चाहे इसमें तेहरान का सहयोग हो या न हो.
ट्रंप के पोस्ट पर क्या कहते हैं जानकार
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह रवैया पूरी तरह से एक ‘बिजनेसमैन’ की तरह है, जहाँ वे वैश्विक बाजार में अमेरिकी तेल के लिए एक कुशल ‘विक्रेता’ की भूमिका निभा रहे हैं. ‘जल्द से जल्द तेल भरने’ (Quick Turnaround) के वादे के साथ उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे संघर्ष-ग्रस्त क्षेत्रों के बजाय अमेरिकी संसाधनों के जरिए भारी मुनाफा कमाना और वैश्विक बाजार को स्थिरता देना पसंद करेंगे. ट्रंप का यह रुख न केवल अमेरिका की आर्थिक ताकत को दिखाता है, बल्कि ऊर्जा बाजार में उसके एकतरफा वर्चस्व को भी स्थापित करने की कोशिश है.

