साउदी-कतर ही नहीं, अब पूरे अरब में तबाही मचाएगा ईरान! UAE को दी आखिरी चेतावनी और अमेरिका के लिए ‘अल्टीमेटम’

Iran Threat UAE-US : तेहरान/दुबई: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब एक ऐसे आत्मघाती मोड़ पर पहुँच गया है, जहाँ खाड़ी के समृद्ध देश भी युद्ध की आग में झुलस सकते हैं. ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसके खिलाफ किसी भी तरह का जमीनी हमला (Ground Invasion) हुआ, तो उसका पहला और सबसे घातक प्रहार UAE पर होगा.

Iran Threat UAE-US: ईरान को शक: UAE मूक दर्शक नहीं  बल्कि अमेरिका का मददगार

तेहरान के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, ईरान को अब पक्का यकीन हो गया है कि UAE इस जंग में तटस्थ नहीं है. आरोप है कि अमीरात ने न केवल अमेरिका और इजरायल को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की छूट दी है, बल्कि कई अहम एयर फैसिलिटी भी ऑपरेशन के लिए मुहैया कराई हैं.

ईरान ने साफ कर दिया है कि अब तक उसने जो ‘संयम’ दिखाया था, वह खत्म हो रहा है. अब निशाना केवल खुफिया बेस नहीं, बल्कि पूरे देश का ढांचा होगा.

जमीनी हमला (ग्राउंड इनवेजन) हुआ तो क्या होगा?

ईरान की चेतावनी बेहद स्पष्ट और दहला देने वाली है. तेहरान ने कहा है कि यदि उसकी जमीन या किसी द्वीप पर कब्जे की कोशिश हुई, तो वह उस देश को अपना सीधा दुश्मन मानेगा जिसकी धरती का इस्तेमाल हमले के लिए किया गया है.

मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने संकेत दिया है कि UAE के खिलाफ हमले में केवल सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि ये चीजें भी निशाने पर होंगी:

  • आर्थिक ढांचा: प्रमुख व्यापारिक केंद्र और पोर्ट्स।

  • सरकारी संस्थान: अहम मंत्रालय और प्रशासनिक भवन।

  • व्यावसायिक हित: बड़े निवेश प्रोजेक्ट्स और स्टेट-लिंक्ड बिजनेस।

होर्मुज स्ट्रेट के द्वीपों पर अमेरिका की नजर?

जंग की सबसे बड़ी वजह होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास मौजूद ईरान के सामरिक द्वीप ‘खार्ग’ (Kharg) और ‘केशम’ (Qeshm) को माना जा रहा है. खबरें हैं कि अमेरिकी सेना इन द्वीपों पर कब्जे की योजना बना रही है ताकि तेल की सप्लाई और समुद्री रास्ते पर नियंत्रण किया जा सके.

माना जा रहा है कि इस ऑपरेशन के लिए खाड़ी में मौजूद अमेरिकी बेस का इस्तेमाल होगा. यही वह रेड लाइन है, जिसे पार करने पर ईरान ने पूरे अरब क्षेत्र में ‘बड़ी तबाही’ का इशारा दिया है.

ईरान का नया वार प्लान: एक नजर में

लक्ष्य संभावित हमला कारण
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) आर्थिक और सरकारी ढांचे अमेरिका-इजरायल को बेस देना
अमेरिकी बेस मिसाइल और ड्रोन हमले होर्मुज स्ट्रेट में दखलअंदाजी
होर्मुज स्ट्रेट सप्लाई लाइन ब्लॉक करना द्वीपों पर कब्जे की कोशिश का जवाब

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