कई लोगों ने हादसे के लिए कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया
पटना। बिहार में नालंदा के मघड़ा शीतला मंदिर हादसे में 20 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस ने चार पुजारियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्त में आए इन पुजारियों पर रुपए लेकर पूजा करवाने और महिलाओं पर डंडे चलाने का आरोप है। दीपनगर थाने की दारोगा के बयान के बाद एफआईआर दर्ज दर्ज की है। मामले में 20 नामजद और कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। नामजद लोगों में 18 पंडा समाज के लोग और उनके दो सहयोगी शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के नालंदा जिले में स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार को धार्मिक सभा के दौरान भगदड़ मच गई थी। इस दौरान आठ महिलाओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए थे। यह घटना तब हुई जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए जमा हुए थे, जिससे वहां भारी भीड़ हो गई और अचानक मची भगदड़ में कई लोग कुचल गए। बिहार सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। घटनास्थल से सामने आए विजुअल्स में मंदिर परिसर के अंदर भारी तादाद में भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
बिहार शरीफ के सहायक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में मची भगदड़ में करीब आठ महिलाओं की मौत हो गई। पुलिसकर्मी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। चश्मदीदों ने बताया कि हर मंगलवार को मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है, जिसमें पटना समेत राज्य के कई इलाकों से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। कई लोगों ने इस हादसे के लिए कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। एक चश्मदीद ने कहा कि यह सब कुप्रबंधन की वजह से हुआ है, जबकि दूसरे शख्स ने कहा कि कोई भी कतार में खड़ा नहीं होना चाहता था और हर कोई सबसे पहले दर्शन करना चाहता था। चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार होने के कारण भीड़ और भी ज्यादा भीड़ थी।

