COVID-19 New Subvariant : दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस के एक नए और तेजी से फैलते रूप का सामना कर रही है. अमेरिका में कोविड-19 का एक नया सबवेरिएंट BA.3.2 सामने आया है, जिसे विशेषज्ञों ने ‘सिकाडा’ (Cicada) नाम दिया है. यह नया वेरिएंट न केवल अमेरिका बल्कि यूरोप के कई देशों में भी अपने पैर पसार चुका है, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य संस्थाओं की चिंता बढ़ गई है.
COVID-19 New Subvariant क्या है ?
सिकाडा (Cicada) वेरिएंट की उत्पत्ति सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में नवंबर 2024 के दौरान डिटेक्ट की गई थी. हालांकि 2025 में इसके प्रसार की गति धीमी थी लेकिन साल 2026 की शुरुआत होते ही इसने रफ्तार पकड़ ली . ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक यह अमेरिका के लगभग 25 राज्यों में पाया गया है. केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि जर्मनी, डेनमार्क और नीदरलैंड्स जैसे यूरोपीय देशों में भी इसके संक्रमण की दर 30% तक पहुंच चुकी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसकी गंभीरता को देखते हुए इसे ‘वेरिएंट अंडर मॉनिटरिंग’ (VUM) की श्रेणी में रखा है.
ओमिक्रॉन का वंशज है यह नया स्ट्रेन
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो BA.3.2 सिकाडा असल में ओमिक्रॉन वेरिएंट का ही एक वंशज है, जो पहली बार दिसंबर 2021 में दुनिया के सामने आया था. इस नए सबवेरिएंट की सबसे चौंकाने वाली बात इसके स्पाइक प्रोटीन में होने वाले बदलाव हैं. शोधकर्ताओं ने इसमें लगभग 70 से 75 म्यूटेशन दर्ज किए हैं. इतने अधिक म्यूटेशन होने के कारण विशेषज्ञों को डर है कि मौजूदा कोविड वैक्सीन इस पर पहले की तुलना में कम असरदार साबित हो सकती हैं.
कितना खतरनाक है सिकाडा वेरिएंट?
राहत की बात यह है कि विशेषज्ञों के अनुसार, सिकाडा वेरिएंट फिलहाल किसी बड़ी जानलेवा लहर का संकेत नहीं दे रहा है. साल 2025 और 2026 की सर्दियों के दौरान फैले अन्य वेरिएंट्स की तुलना में यह बहुत अधिक गंभीर बीमारी पैदा नहीं कर रहा है. हालांकि, इसकी संक्रामक क्षमता अधिक है, जिसका अर्थ है कि यह बहुत कम समय में बहुत अधिक लोगों को बीमार कर सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि यह जानलेवा नहीं दिख रहा, लेकिन म्यूटेशन की अधिक संख्या के कारण इस पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी है.
सिकाडा वेरिएंट के लक्षण और बचाव
अगर हम सिकाडा वेरिएंट के लक्षणों की बात करें, तो यह काफी हद तक पुराने ओमिक्रॉन स्ट्रेन जैसा ही व्यवहार कर रहा है. संक्रमित मरीजों में अभी तक कोई भी बिल्कुल नया या असामान्य लक्षण नहीं पाया गया है. आमतौर पर मरीजों को खराब गला, सूखी खांसी, अत्यधिक थकान और शरीर में दर्द की शिकायत हो रही है. इसके अलावा, बुखार, ठंड लगना और तेज सिरदर्द भी इस वायरस के मुख्य लक्षणों में शामिल हैं.
डॉक्टरों की सलाह है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क का उपयोग करें और यदि ऊपर दिए गए लक्षण महसूस हों, तो तुरंत जांच कराएं ताकि इसके प्रसार को समय रहते रोका जा सके.

