MP OBC Reservation भोपाल: मध्य प्रदेश में लंबे समय से लंबित ओबीसी (OBC) आरक्षण मामले में एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ आया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने पिछले आदेश में संशोधन करते हुए ओबीसी आरक्षण से जुड़े दो बड़े मामलों को ‘रिकॉल’ (पुनः सुनवाई के लिए बुलाना) कर लिया है. अब इन मामलों पर देश की शीर्ष अदालत खुद सुनवाई करेगी.
MP OBC Reservation : क्या है नया आदेश?
सुप्रीम कोर्ट ने पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को 54 याचिकाएं ट्रांसफर की थीं लेकिन अब संशोधित आदेश के मुताबिक, कोर्ट ने 87:13 के फॉर्मूले को चुनौती देने वाले दो प्रमुख मामलों को वापस अपने पास बुला लिया है. शेष 52 प्रकरणों की सुनवाई जबलपुर हाई कोर्ट में ही जारी रहेगी.
सीनियर अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर के अनुसार:
“सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी 2026 के अपने आदेश में बदलाव किया है.अब 13% आरक्षण को होल्ड पर रखने से जुड़ी याचिकाओं पर अप्रैल के दूसरे सप्ताह में सुनवाई तय की गई है.”
इन दो याचिकाओं पर टिकी सबकी नजर
सुप्रीम कोर्ट ने जिन दो एसएलपी (SLP) को रिकॉल किया है, वे हैं:
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दीपक कुमार पटेल बनाम मध्य प्रदेश शासन
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हरिशंकर बरोदिया बनाम मध्य प्रदेश शासन
इन दोनों मामलों में प्रदेश सरकार के 87:13 वाले फॉर्मूले की वैधानिकता को चुनौती दी गई है. बाकी बचे 52 मामलों को वापस हाई कोर्ट भेज दिया गया है, जहाँ मुख्य न्यायाधीश एक विशेष बेंच का गठन कर 3 महीने के भीतर इनका निराकरण करेंगे.
अगली तारीख और प्रक्रिया
ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दलीलें पेश करने वाले अधिवक्ताओं (रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह और वरुण ठाकुर) ने बताया कि हाई कोर्ट में शेष मामलों की सुनवाई 02 अप्रैल 2026 को नियत है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में अप्रैल के दूसरे हफ्ते में होने वाली सुनवाई मध्य प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों के भविष्य के लिए बेहद अहम मानी जा रही है.

