Argentina-India LPG Supply नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मचा दी है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के बंद होने से भारत में रसोई गैस (LPG) की किल्लत का डर सताने लगा था। लेकिन, ऐसे कठिन समय में करीब 20,000 किलोमीटर दूर स्थित दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना भारत के लिए एक भरोसेमंद साथी बनकर उभरा है.
Argentina-India LPG Supply:संकट के समय अर्जेंटीना ने बढ़ाई सप्लाई
आंकड़े बताते हैं कि अर्जेंटीना ने भारत की मदद के लिए अपनी सप्लाई में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है. 2026 की पहली तिमाही में 50,000 टन LPG सप्लाई की गई. पिछले साल की तुलना में इस साल (22,000 टन) दोगुनी से भी अधिक सप्लाई है.अर्जेंटिना ने 5 मार्च को ताजा खेप में 11,000 टन की अतिरिक्त शिपमेंट रवाना की है.
भारत की रणनीति: ‘ऊर्जा विविधता’ पर जोर
भारत अपनी LPG जरूरत का लगभग 60% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आयात करता है. युद्ध की स्थिति में इस निर्भरता को कम करने के लिए भारत सरकार ने अपनी रणनीति बदली है.अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो अगस्टिन कौसेनो ने भारत की इस ‘ऊर्जा विविधता’ नीति की सराहना की और कहा कि अर्जेंटीना भारत की ऊर्जा सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है.
घरेलू मोर्चे पर सरकार के कदम
सप्लाई चेन में आई बाधा को देखते हुए भारत सरकार ने आंतरिक स्तर पर भी कड़े फैसले लिए हैं.
- कमर्शियल कोटा: होटल और फूड बिजनेस के लिए LPG कोटा 20% बढ़ा दिया गया है.
- PNG पर फोकस: पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) के कनेक्शन देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.
- डिप्लोमेसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात कर समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर चर्चा की है.
चुनौतियां और भविष्य की राह
हालांकि 20,000 किमी की दूरी तय करने में समय और लागत (Logistics Cost) अधिक आती है, लेकिन वर्तमान युद्ध की स्थिति में यह सप्लाई भारत के लिए जीवनदान साबित हो रही है. ईरान द्वारा मित्र देशों के लिए रास्ता खोलने की घोषणा के बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद और बढ़ गई है.

