रायपुर :
आय से अधिक संपत्ति के मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह (Dr Raman Singh) को हाईकोर्ट से राहत मिली है. हाईकोर्ट ने रमन सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है . हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद रायपुर में डा. रमन सिंह ने कहा कि ‘माननीय उच्च न्यायालय ने मेरे ऊपर आय से अधिक संपत्ति के मामले में महत्वपूर्ण फैसला दिया है. पिछले लंबे समय से कांग्रेस द्वारा इस मामले में मेरे ऊपर गंभीर आरोप लगाये जा रहे थे.उस समय भी मैंने कहा था कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं. आज उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने इस मामले को तथ्यहीन, निराधार और राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है.”
डॉ.रमन सिंह (Dr.Raman Singh) के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले जांच की हुई थी मांग
कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम डा. रमन सिंह की संपत्ति की जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका में आरोप लगाया गया था कि पूर्व सीएम रमन सिंह ने 2008, 2013 और 2018 में अपनी संपत्ति को लेकर शपथपत्र मे गलत जानकारी दी थी. इस याचिका पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सुनवाई की.
डॉ.रमन सिंह (Dr.Raman Singh) के खिलाफ दायर याचिका राजनीति से प्रेरित-हाइकोर्ट
उच्च न्यायालय ने कहा सुनवाई के दौरान कहा कि जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए है, उनके आधार पर कोई आरोप नहीं बनता है. याचिका राजनीति से प्रेरित है. न्यायायिक प्रक्रियाओं का दुरूपयोग किया गया. आधारहीन दस्तावेज और सिर्फ आंकलन के आधार पर याचिका दायर की गई है. सभी प्रस्तुत चुनावी शपथ पत्र को भारतीय निर्वाचन आयोग एवं इनकम टैक्स विभाग द्वारा परीक्षण किया गया लेकिन कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है.प्रथम दृष्ट्या इस प्रकरण की किसी भी अधिकारिक संस्था से जांच की जरूरत नहीं.
दूध का दूध और पानी का पानी हुआ- रमन सिंह, पूर्व सीएम,छत्तीसगढ़
कोर्ट के आदेश के बाद रमन सिंह ने इसे अपनी बड़ी जीत बताते हुए कहा कि “उच्च न्यायालय के इस फैसले से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया और मैं दावे के साथ कहता हूँ कि कांग्रेस द्वारा मेरे ऊपर लगाये अन्य आरोप भी राजनीति से प्रेरित और तथ्यहीन है, जिनका अन्तिम परिणाम भी इस तरह आयेगा”
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