पिछले 8 दिनों से गैस सप्लाई नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी

भोपाल। मध्य प्रदेश में एलपीजी की किल्लत लगातार बनी हुई है और इसका असर खास तौर पर होटल व रेस्टोरेंट कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है. लगातार आठवें दिन भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं हो पाई है. हालांकि ऑयल कंपनियों ने नई गाइडलाइन में कुछ राहत देने के संकेत दिए हैं, जिसमें 10 प्रतिशत तक कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात कही गई है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुए हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि यदि बुधवार को निर्देश मिलते हैं तो प्रदेश के करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट को राहत मिल सकती है।

घरेलू सिलेंडर की मांग में तेज उछाल

दूसरी ओर, इस संकट का असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है. कमर्शियल सिलेंडर की कमी के चलते घरेलू सिलेंडर की मांग अचानक करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है. इसके कारण अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए 3 से 4 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार शहर में करीब साढ़े 5 लाख गैस कनेक्शन हैं, जिनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू कनेक्शन शामिल हैं. पहले जहां रोजाना करीब 8500 सिलेंडर बुक होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 14 हजार तक पहुंच गई है, जिससे सप्लाई और मांग के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है।

सप्लाई बढ़ाने की कोशिशें तेज

स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने सप्लाई बढ़ाने की कोशिश शुरू की है. पिछले कुछ दिनों से भोपाल में रोजाना 12 से 13 हजार सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है और आने वाले 3 से 4 दिनों में लंबित मांग को पूरा करने का दावा किया जा रहा है. फिलहाल भारत गैस और एचपी की बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है, जबकि इंडेन के सिलेंडर ऑफलाइन माध्यम से बुक हो रहे हैं. शहर में इंडेन के करीब 65 प्रतिशत कनेक्शन हैं।

गाइडलाइन जारी, आदेश का इंतजार

कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई को लेकर ऑयल कंपनियों ने 12 श्रेणियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को उनकी खपत के अनुसार 10 प्रतिशत गैस देने की बात शामिल है. हालांकि, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि विस्तृत आदेश आने के बाद ही वास्तविक सप्लाई शुरू की जाएगी।

होटल इंडस्ट्री पर बढ़ता दबाव

होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि महाराष्ट्र में 70 प्रतिशत तक गैस सप्लाई बहाल कर दी गई है और मध्य प्रदेश में भी इसी तरह का फैसला लिए जाने की उम्मीद है. फिलहाल गैस की कमी के चलते प्रदेश के हजारों होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हैं. कई जगहों पर गैस खत्म होने की स्थिति बन गई है, जिसके चलते व्यवसायियों को इंडक्शन या डीजल भट्ठी जैसे महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं. हालात को देखते हुए कई होटलों ने अपने मेन्यू में भी बदलाव किया है, हालांकि कर्मचारियों की छंटनी नहीं की गई है।

प्रदर्शन से गरमाया माहौल

इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है. गैस संकट के विरोध में प्रदेश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं. भोपाल में कांग्रेस नेताओं ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए नाले की गैस से चाय बनाने की कोशिश की, वहीं कुछ स्थानों पर रेहड़ी वालों को कोयला बांटकर भी विरोध जताया गया।

पुलिस कमिश्नर सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे

कार में लगी आग देखते ही देखते पूरे घर में फैल गई और पूरा घर जलकर खाक हो गया. हादसें की सूचना मिलने के बाद दमकल टीम और पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस कमिश्नर देर रात से ही मौके पर मौजूद हैं. कलेक्टर सहित अला अधिकारी मौके पर स्थित संभालने का प्रयास कर रहे हैं। दमकल टीम मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड की पांच से अधिक गाड़‍ि‍यां आग बुझाने का प्रयास कर रही है. इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जिसमें से अभी तक 6 शवों को बाहर निकाल लिया गया है. फिलहाल एस.डी.ई.आर.एफ की टीम का रेस्क्यू जारी है।

Latest news

Related news