Tuesday, March 10, 2026

सीएम कुर्सी छोड़ने से पहले नीतीश 10 मार्च से ‘समृद्धि यात्रा’ और ‘प्रगति यात्रा’ निकालेंगे

पटना। बिहार के सीएम नीतीश कुमार 10 मार्च से सीमांचल और कोसी क्षेत्र के विकास कार्यों का जायजा लेने ‘समृद्धि यात्रा’ और ‘प्रगति यात्रा’ पर निकलेंगे। इस यात्रा में उनका मुख्य पड़ाव मधेपुरा होगा, जहां वे तीन दिनों तक रुकेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत 10 मार्च को सुपौल से होगी, जिसके बाद सीएम मधेपुरा पहुंचेंगे। मधेपुरा में वे नवनिर्मित पुलिस लाइन का लोकार्पण करेंगे। अपनी इस सघन यात्रा में सीएम नीतीश सीमांचल के छह प्रमुख जिलों मधेपुरा, किशनगंज, अररिया, कटिहार, पूर्णिया और सहरसा के साथ खगड़िया का भी दौरा करेंगे। 
जानकारी के मुताबिक 11 मार्च को वे किशनगंज और अररिया में प्रगति यात्रा के तहत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करेंगे, जबकि 12 मार्च को कटिहार और पूर्णिया में उनके कार्यक्रम तय है। यात्रा के अंतिम चरण में 13 मार्च को वे मधेपुरा से सहरसा और खगड़िया के लिए रवाना होंगे। सीएम की इस यात्रा का उद्देश्य जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को देखना और जनता से सीधे संवाद करना है।
बता दें बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच उनके पुत्र निशांत कुमार रविवार को आधिकारिक तौर पर जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता ग्रहण करेंगे। पटना स्थित पार्टी कार्यालय में उनके भव्य स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जानकारी के मुताबिक पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद निशांत भी बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के व्यापक दौरे पर निकलेंगे, जिसका उद्देश्य सीधे जनता से संवाद स्थापित करना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करना है।
निशांत की एंट्री को नीतीश कुमार की विरासत संभालने के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी के अंदर उन्हें सीएम बनाने की मांग पहले ही उठ चुकी है, हालांकि सूत्रों का दावा है कि उनकी शुरुआती ‘लॉन्चिंग’ डिप्टी सीएम और गृह मंत्री जैसे अहम पदों के साथ हो सकती है। सत्ता परिवर्तन के इस दौर में निशांत का सक्रिय राजनीति में आना न केवल जेडीयू के भविष्य को नई दिशा देगा, बल्कि बिहार के आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी पूरी तरह से बदल सकता है।
 

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