इंदौर|मध्य प्रदेश के इंदौर में रंगपंचमी के अवसर पर निकलने वाली गेर शहर का एक अनोखा और खास आयोजन हैं. इस दिन पुराने शहर के इलाकों में रंगों के शौकीन बड़ी संख्या में गेर में शामिल होते हैं और रास्ते में खड़े लोगों पर रंग बरसाते हुए आगे बढ़ते हैं. ये आयोजन इतना दिव्य और भव्य होता है कि दूर-दूर तक आसमान में रंग छा जाते हैं. इस बार रविवार को रंगपंचमी के दिन इंदौर की फेमस गेर निकलेंगी|
रविवार की वजह से ज्यादा भीड़ जुटने की उम्मीद
अगर बीते 3 सालों की बात करें तो इस दौरान लोगों की संख्या करीब 5 लाख से अधिक रही थी. संगम कॉर्नर की 76वीं सामाजिक समरसता गेर में बरसाना की लट्ठमार होली और राधा-कृष्ण की रासलीला प्रस्तुत की जाएगी, जबकि रसिया कॉर्नर की 53वीं गेर में दर्जनों वाहन, पानी के टैंकर और विशेष झांकियां शामिल होंगी. गेर उत्सव रविवार को होने की वजह से ज्यादा भीड़ जुटने की उम्मीद है. इसलिए प्रशासन ने इस बार 8 मार्च रविवार को अलग से छुट्टी का ऐलान नहीं किया है|
पिछले साल वाली व्यवस्था रहेगी कायम
इस बार की गेर के खूबसूरत नजारों का आनंद लेने के लिए इस बार भी शहर के लोग गेर वाले मार्गों पर स्थित मकानों की छतें बुक कर सकेंगे और अपने परिवार के साथ इस आयोजन का मजा ले पाएंगे. प्रशासन ने पिछले साल भी यह व्यवस्था की थी, जो काफी सफल रही थी. हर साल इस आयोजन को देखने के लिए दूसरे शहरों से भी बड़ी संख्या में लोग इंदौर पहुंचते हैं. खास बात ये है कि जिन लोगों के घर गेर मार्ग पर पड़ते हैं उनके यहां पर इस आयोजन के दौरान छोटी-छोटी पार्टियों का आयोजन भी होने लगा हैं|
क्या होगा इस बार के गेर उत्सव में खास?
- इस बार गेर और फागयात्रा शुरुआती स्थान से होने हुए तय मार्गों से होते हुए संपन्न होगी|
- इस यात्रा के दौरान मिसालइलों से 200 फीट ऊपर तक रंग और पानी उड़ाया जाएगा|
- गेर यात्रा में डीजे, ढ़ोल-ताशे, झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल रहेगी|
- 8 हजार किलो टेसू के फूलों से बने गुलाल से राजवाड़ा पर तिरंगा बनाया जाएगाराजवाड़ा और उससे जुड़े मार्गों पर करीब 5-6 किलोमीटर के दायरे में गुलाल, रंग और पानी की बौछारें होंगी|

