भोपाल। LNCT University के महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ एवं आंतरिक शिकायत समिति (ICC) द्वारा, IQAC के तत्वावधान में, National Commission for Women तथा Yuvamanthan के सहयोग से “जेंडर सेंसिटाइजेशन एवं POSH जागरूकता कार्यशाला” का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला यूजीसी दिशा-निर्देशों एवं Prevention of Sexual Harassment Act (POSH अधिनियम, 2013) के प्रावधानों के अनुरूप आयोजित की गई।कार्यशाला की मुख्य वक्ता National Law Institute University की वरिष्ठ प्राध्यापिका प्रो. सुषमा शर्मा रहीं। अपने संबोधन में उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में लैंगिक समानता, संस्थागत जवाबदेही तथा POSH अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और गरिमापूर्ण परिसर सुनिश्चित करना शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता को सम्मान स्वरूप पौधा भेंट कर किया गया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों सहित कुल 175 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संवादात्मक सत्र ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और प्रभावी बनाया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने समानता, गरिमा और यौन उत्पीड़न के प्रति शून्य सहनशीलता के सिद्धांतों का पालन करने की शपथ ली तथा सुरक्षित एवं समावेशी शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने का संकल्प दोहराया। महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ एवं ICC ने ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। विश्वविद्यालय ने सभी के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी परिसर उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता पुनः दोहराई।

