Land for job case : लैंड फॉर जॉब मामले में आरोपी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने इस मामले के किसी भी तरह के आरोपों को स्वीकर करने से इंकार कर दिया. 16 फरवरी यानी आज दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में इसी मामले में चार्जशीट फ्रेम करने को लेकर लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी की कोर्ट में पेशी हुई. सीबीआई ने कोर्ट में पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ चार्जशीट पेश की. सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में लालू यादव और उनके करीबियों के खिलाफ जो आरोप लगाये, उसे लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने सीधे सीधे खारिज कर दिया है. उन्होंने कोर्ट से कहा कि उनके उपर लगाये गये आरोप उन्हें मंजूर नहीं हैं. अगर उनके उपर सीबीआई आरोप लगाती है तो वो और उनके परिवार के अन्य आरोपी सदस्य मामले में ट्रायल का सामना करेंगे.
In the Land for Job #scam case, #LaluPrasadYadav and #RabriDevi have been exempted from appearing physically in court by the Rouse Avenue Court unless specifically ordered. The court has asked them to appear via video conferencing in view of their age and health, as confirmed by… pic.twitter.com/qCUuKqxoua
— News9 (@News9Tweets) February 16, 2026
Land for job case का क्या है मामला ?
यह मामला 2004-2009 के दौरान लालू यादव के रेल मंत्री रहते रेलवे में ग्रुप डी नौकरियों के बदले जमीन लेने के आरोप से जुड़ा है. मामले की जांच कर रही सीबीआई ने लालू यादव पर इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आरोप लगाए हैं.
लालू यादव – राबड़ी देवी को व्यक्तिगत पेशी से मिली छूट
सोमवार को इस मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आगे की कार्रवाई के लिए लालू यादव और राबड़ी देवी को व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी है. इस मामले में अब नियमित सुनावई 9 मार्च से शुरू होगी. ट्रायल के दौरान लालू यादव और राबड़ीदेवी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये शामिल होंगे .
राजनीतिक प्रतिशोध के लिए लगाये जा रहे हैं आरोप- लालू यादव
सोमवार को पेशी के दौरान लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के अन्य आरोपियों की तरफ से कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा गया. लालू परिवार की तरफ से कहा गया कि ‘नौकरी के बदले जमीन’ के मामले में उनके परिवार के खिलाफ लगाये गये सारे आरोप राजनीतिक प्रतिशोध के लिए लगाये गये हैं. वहीं सीबीआई ने दावा किया कि ये एक साजिश थी, जिसमें लालू यादव और उनके परीवार के अन्य सदस्य शामिल थे.

