Tuesday, January 27, 2026

भारत में भी आएगा भयानक भूकंप, तुर्की में आए भूकंप की भविष्यवाणी करने वाले वैज्ञानिक का दावा

टर्की में आये भूकंप की वजह से लोग अभी भी सदमे में हैं. अभी भी लोगों की लाशें इमारतों के मलबे से निकाली जा रही हैं. ऐसे में इस तबाही की तस्वीरें और वीडियो जहाँ एक तरफ सुर्खियां बनी हुई थी वहीं दूसरी तरफ टर्की के एक भविष्यवक्ता का ज़िक्र भी हर ज़ुबान पर था. जी हाँ टर्की में भूकंप आने से पहले ही डच शोधकर्ता फ्रैंक हूगरबीट्स ने इसके बारे में बता दिया था. अभी एक तबाही थमी नहीं कि दूसरी भविष्यवाणी ने सबके होश उड़ा दिए हैं. यकीनन ये खबर आपकी रातों की नींद भी उड़ा देगी. वो क्यों आइये बताते हैं.

क्या है भविष्यवाणी?

दरअसल डच शोधकर्ता फ्रैंक हूगरबीट्स ने तुर्की और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में खतरनाक भूकंप के बारे में पहले ही भविष्यवाणी की थी. उसके बाद तुर्की में आए भूकंप से अब तक 30,000 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है.
इसी कड़ी में अब फ्रैंक हूगरबीट्स ने भारत को लेकर एक खौफनाक भविष्यवाणी की है. हूगरबीट्स के एक और वीडियो ने इंटरनेट पर सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है. फ्रैंक हूगरबीट्स इस वीडियो में भारतीय उपमहाद्वीप में बड़ा भूकंप आने का दावा कर रहे हैं. फ्रैंक हूगरबीट्स का कहना है कि ये भूकंप हिंद महासागर क्षेत्र पर यानी भारत-पाकिस्तान सहित अफगानिस्तान के आसपास के कई इलाकों में आ सकता है.

जो लोग फ्रैंक को नहीं जानते हैं तो उनको बता दें कि फ्रैंक हूगरबीट्स सोलर सिस्टम ज्योमेट्री सर्वे यानी SSGEOS के लिए काम करते हैं. फ्रैंक हूगरबीट्स ग्रहों की चाल के आधार पर भूकंप की भविष्यवाणी करते हैं. उनकी एक भविष्यवाणी हाल ही में सच साबित हुई और उसका असर हम टर्की से सामने आ रही तस्वीरों में साफ़ देख सकते हैं. उन्होंने ये भविष्यवाणी तुर्की आपदा से तीन दिन पहल की थी. SSGEOS एक शोध संस्थान है, जो भूकंप की गतिविधि का अनुमान लगाने के लिए आकाशीय पिंडों जैसे ग्रहों की निगरानी करते हैं. फ्रैंक ने टर्की में आने वाले भूकंप को लेकर कहा था कि उन्होंने पूरी रिसर्च की. रिसर्च से उन्हें अनुमान लग गया था कि वहां कुछ भूकंप संबंधी गतिविधियां होने वाली हैं. इसलिए उन्होंने सोचा कि कोई घटना घटित होने से पहले लोगों के लिए चेतावनी जारी की जानी चाहिए.

फ्रैंक के दावों पर क्यों उठ रहे सवाल

लेकिन अभी भी फ्रैंक के दावों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. फ्रैंक का ये कहना है कि भूकंप को लेकर भविष्यवाणी को सैद्धांतिक तौर पर सही नहीं माना जाता. वहीं अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण करने वालों का कहना है कि आज तक किसी भी वैज्ञानिक ने किसी भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की है. दरअसल वैज्ञानिक भविष्यवाणी करने के लिए जिस विधि का इस्तेमाल किया जाता है उसे लेकर कई तरह के विवाद हैं.

ऐसे में जब सोशल मीडिया पर फ्रैंक से भूकंप आने की तारीख और समय को लेकर भी सवाल किया गया तो फ्रैंक ने कहा कि वैज्ञानिक केवल साल के अंदर भूकंप आने का अंदाजा लगा सकते हैं. लेकिन तारीख समय और सटीक लोकेशन की जानकारी देने में सक्षम नहीं हैं.

फ्रैंक ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत के साथ हिंद महासागर क्षेत्र तक शक्तिशाली भूकंप आने की भी भविष्यवाणी की है. फ्रेंक खुद कहते हैं कि ये साफ नहीं है कि अफगानिस्तान से शुरू होकर भूकंप हिंद महासागर तक जाएगा. फ्रैंक ने ये भी साफ किया है कि भविष्यवाणी को लेकर अभी थोड़ी भ्रम की स्थिति है. फ्रैंक ने ये भी बताया कि हो सकता है कि यह भूकंप 2001 की तरह भारत पर अपना असर डाले लेकिन कुछ भी निश्चित तौर पर कहा नहीं जा सकता है.

अब ये सच है या महज़ एक भ्रम लेकिन किसी भी बात को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. फ्रैंक का ये भी कहना है कि फ़िलहाल उनके पास तकनीक के विस्तार को लेकर कोई साधन नहीं है. फ्रैंक ने बताया कि उन्होंने तुर्की के वैज्ञानिक से संपर्क किया था. कुछ वैज्ञानिकों की इसमें दिलचस्पी है लेकिन ज्यादातर वैज्ञानिकों की इसमें रुचि नही है. फ्रैंक ने कहा कि उन्हें सीरिया से कुछ हद तक पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है. भारतीय वैज्ञानिकों के बारे में पूछे जाने पर फ्रैंक ने कहा कि अगर भारत सरकार उनसे संपर्क करती है, तो वे अपनी जानकारी को साझा करने के लिए तैयार हैं. अब सवाल ये है कि क्या भारतीय वैज्ञानिक इस पर गौर करेंगे.

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