इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी से कई लोगों की मौत और बीमार होने की खबरें पिछले दिनों चर्चा में थी. वहीं खबर है कि भागारथपुरा के बाद अब महू में भी दूषित पानी पीने से कई लोगों पीलिया जैसी गंभीर बीमारी हो गई है. जिसे देखते हुए इंदौर प्रशासन के साथ ही महू कैंट बोर्ड ने उचित कदम उठाए हैं. पानी के सैंपल को लैब टेस्ट कराया गया, जहां जांच रिपोर्ट नार्मल आई है. जिन जगहों पर पानी की पाइपलाइन लीकेज हुई है, उन्हें बदलने की बात कैंट बोर्ड द्वारा की जा रही है.
भागीरथपुरा के बाद महू में लोग बीमार
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने के कारण जिस तरह से लोगों की मौत का मामला सामने आया था, उसी तरह से महू में भी दूषित पानी पीने के कारण कई लोगों के बीमार होने की जानकारी जिला प्रशासन और महू कैंट बोर्ड को मिली. जिसके तुरंत बाद इंदौर जिला प्रशासन और महू कैंट बोर्ड ने बीमारों को इलाज के लिए अस्पताल में शिफ्ट किया, तो वहीं किन कारणों के चलते यह अव्यवस्था फैली उसकी जांच की जा रही है. इस दौरान महू के पत्ती बाजार, लुनियापुरा में भी लोग पीलिया और दूसरी बीमारियों से पीड़ित नजर आए.
बच्चों में पीलिया की शिकायत
वहीं क्षेत्रीय रहआवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से पानी की पाइपलाइन में गंदा पानी आ रहा है. उसी पाइप लाइन का पानी पीने के कारण हमारे घर के बच्चे बीमार हो गए. पत्ती बाजार के तो रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र के तकरीबन 20 बच्चों को पीलिया की शिकायत मिली है. उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है. वहीं अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर 20 मरीज सामने आए, जिनमें से अधिकतर बच्चों में पीलिया की शिकायत मिली है. जिसमें से कई बच्चे तो घर पर ही इलाज करवा रहे हैं, तो कुछ बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था.
पानी की जांच रिपोर्ट नॉर्मल, लीकेज की कराई जा रही जांच
प्रारंभिक तौर पर 10 बच्चे अभी हॉस्पिटल में इलाजरत हैं. मामले में कैंट बोर्ड के सीईओ विकास विश्नोई का कहना है कि "पत्ती बाजार और आसपास के क्षेत्र में दूषित पानी के सैंपल लिए थे और उन्हें टेस्ट के लिए पीएचई डिपार्टमेंट भेजा गया था. जिसकी टेस्ट रिपोर्ट आ चुकी है. रिपोर्ट में किसी तरह के कोई बैक्टीरिया की पुष्टि नहीं हुई है और ना ही पानी दूषित होने की पुष्टि हुई है. पानी पूरी तरीके से शुद्ध है, लेकिन पत्ती बाजार व आसपास के क्षेत्र में कई लोगों ने अवैध कनेक्शन ले लिए हैं, पाइपलाइन काफी बरसों पुराना है, जिसके कारण संभवत: उसमें लीकेज हो गया हो. उसको चेक करवाया जा रहा है.
आने वाले दिनों में अवैध नल कनेक्शन लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी. महू के प्रत्येक क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार सर्वे कर रही है और लोगों को समझाइश भी दी जा रही है."

