Sunday, January 25, 2026

मोती की अंगूठी पहनने से पहले जान लें, कब और कैसे करें धारण

अक्सर आपने देखा होगा कि लोग अपने हाथों में कई प्रकार के रत्न धारण करते हैं. रत्न शास्त्र में ऐसे कई रत्न का जिक्र किया गया है, जिसके प्रभाव से लोगों को और उनसे संबंधित ग्रहों को जोड़कर देखा जाता है. शास्त्र में ऐसे रत्न का जिक्र है, जिनकी एनर्जी हमारी जिंदगी में पॉजिटिविटी भी ला सकती है. ऐसी स्थिति में आज हम आपको मोती रत्न के बारे में विस्तार से बताएंगे. हालांकि मोती रत्न कैसे धारण करना चाहिए, किस दिन धारण करना चाहिए और अगर आप भूलकर इस रत्न को धारण भी कर लिए हैं, तो इससे कैसे बचाव किया जाएगा, चलिए विस्तार से जानते हैं.

दरअसल मानव जीवन में रत्न शास्त्र का विशेष महत्व होता है. ग्रह नक्षत्र के आधार पर लोग अलग-अलग प्रकार के रत्न धारण करते हैं, जिसमें से एक मोती रत्न भी होता है. अगर आप मोती रत्न को धारण कर रहे हैं, तो धारण करने से पहले आपको उसके नियम का पालन करना होगा, तभी उसका पुण्य आपको प्राप्त होगा.
रत्न धारण करने के शुभ-अशुभ परिणाम
अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि मोती एक ऐसा रत्न है, जिसे सभी लोग धारण करते हैं. कई बार ऐसा देखा जाता है कि कुछ लोग शौक में रत्न धारण करते हैं, तो कुछ लोग अपनी आवश्यकता के अनुसार रत्न को धारण करते हैं .ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रत्न धारण करने से पहले किसी ज्योतिषी से परामर्श लेना चाहिए, क्योंकि हर रत्न का अपना एक अलग महत्व होता है. रत्न धारण करने के शुभ परिणाम भी होते हैं और अशुभ परिणाम भी होते हैं.

ज्योतिषी से परामर्श लेना जरूरी
उन्होंने कहा कि अगर आप मोती रत्न धारण करते हैं, तो यह रत्न चंद्रमा का होता है. मोती रत्न अत्यंत फलदाई और चमत्कारी माना जाता है. अगर व्यक्ति क्रोधी है, तो उसे चांदी के छल्ले में बीच वाली अंगुली में मोती का रत्न धारण करना चाहिए. मोती रत्न को हमेशा सोमवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है. वहीं अगर जो लोग इस रत्न को अज्ञानता के कारण धारण करते हैं, तो उन्हें चाहिए सबसे पहले ज्योतिषी से परामर्श लें. नियम अनुसार ही धारण करें, क्योंकि ज्योतिष शास्त्र में नियम के अनुसार अगर आप कोई रत्न धारण करते हैं, तो उसका शुभ परिणाम प्राप्त होता है, वरना व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियां उत्पन्न होने लगती हैं.
मानव जीवन में अत्यंत लाभकारी
अगर आप भूलकर मोती का रत्न धारण कर लिए हैं, तो उसे रात के समय उतारकर रख देना चाहिए. फिर सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना चाहिए. रत्न पर धूप और दीप दिखाकर फिर उसको धारण करना चाहिए, तभी उसका शुभ परिणाम मिलता है. मोती का रत्न धारण करते हुए हमेशा सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए. यह मोती का रत्न मानव जीवन में अत्यंत लाभकारी भी माना जाता है.

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