टीम इंडिया आज यानी बुधवार 21 जनवरी से T20 World Cup 2026 की तैयारी शुरू करने जा रही है। भारतीय टीम मौजूदा चैंपियन है, लेकिन टीम पर दोहरा दबाव होगा। इसके पीछे का पहला कारण तो ये है कि ये टूर्नामेंट भारत की मेजबानी में हो रहा है। दूसरा ये कि भारतीय टीम को अपना टाइटल डिफेंस करना है। कोई अन्य टीम ऐसा नहीं कर पाई है, जो घर में जीती हो और टाइटल भी डिफेंस किया हो। इसी बड़े लक्ष्य को भारतीय टीम को हासिल करना है, लेकिन कुछ चुनौतियों से भी टीम इंडिया को पार पाना होगा।
मलेशिया को 102 गेंदों में 8.70 प्रति ओवर की औसत से 148 रन चाहिए
दरअसल, भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज आज से शुरू हो रही है, जो 7 फरवरी से शुरू हो रहे आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले टीम इंडिया की आखिरी टी20 सीरीज है। इसके बाद सीधे फिर वर्ल्ड कप ही भारत को खेलना है। भारतीय टीम दो बार की टी20 विश्व कप चैंपियन है। अच्छी बात ये है कि भारत के पास अपनी सरजमीं पर लगातार दूसरा टी20 वर्ल्ड कप और लगातार तीसरी आईसीसी ट्रॉफी जीतने का मौका है, क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 भारत ने जीती है।
क्या है भारत की चुनौती?
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो चुका है, लेकिन टी20 विश्व कप की टीम में शामिल दो खिलाड़ी चोटिल हो गए हैं, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं हैं। इनमें से तिलक वर्मा पहले तीन मैचों के लिए और वॉशिंगटन सुंदर पूरी सीरीज से बाहर हैं। पहली चुनौती तो यही है कि ये खिलाड़ी कब तक फिट होंगे। वहीं, दूसरी चुनौती ये है कि भारत की प्लेइंग इलेवन कैसी होगी?क्या भारतीय टीम दो स्पिनरों वाली फिलॉसफी जारी रखेगी या फिर दो पेसर के साथ उतरेगी, जिसमें तीसरे पेसर हार्दिक पांड्या होंगे। अगर जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह को साथ खिलाना है तो फिर सवाल ये रहेगा कि कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को आप प्लेइंग इलेवन में नहीं रख पाएंगे, क्योंकि पहले से ही अक्षर पटेल वहां आपको एक स्पिन का विकल्प देंगे, जो कि टीम के उपकप्तान भी हैं।एक चिंता ये भी है कि आप अक्षर, वरुण और कुलदीप को खिलाएंगे तो फिर फिनिशर रिंकू सिंह को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना होगा, क्योंकि दो पेसर, एक पेस ऑलराउंडर और तीन स्पिनर खेलेंगे तो फिर आप पांच ही प्रोपर बल्लेबाजों को प्लेइंग इलेवन में रख सकते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में इसकी झलक देखने को मिलेगी कि भारत किस तरह की रणनीति अपनाने जा रहा है।

