Sonia Gandhi :केंद्र सरकार के द्वारा मनरेगा कानून के स्वरूप को बदल कर उसका नया नामकरण करने के मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने कड़ा विरोध किया है. सोनिया गांधी ने शनिवार को एक रिकॉर्डेड मैसेज जारी किया, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर जम कर हमला बोला .
VIDEO | Congress leader Sonia Gandhi issues a video statement on VB-G RAM G Bill replacing MGNREGA.
She says, “Over the past 11 years, the Modi government has made every attempt to weaken MGNREGA, despite it being a lifeline for the poor during COVID. Recently, the government… pic.twitter.com/k1vOMG6Mgj
— Press Trust of India (@PTI_News) December 20, 2025
Sonia Gandhi-मोदी सरकार ने 11 सालों मे कानून को कमजोर किया
सोनिया गांधी ने कहा कि मनरेगा का कानून 20 साल पहले केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार ने आम सहमति से पास किया था. इस योजना से देश के करोड़ों लोगों को काम का अधिकार मिला. लोगों को काम अपने गांव-कस्बे में मिल जाता था, इस लिए बहुत हद तक पलायन भी रुका. ग्राम पंचायतें मजबूत हुईं थी लेकिन मोदी सरकार ने पिछले 11 साल में इस योजना को केवल कमजोर किया.
‘कोविड के समय संजीवनी बनी मनरेगा योजना’
सोनिया गांधी ने अपने 3.45 सेकेंड के रिकार्डेड मैसेज में कहा कि कोविड के कठिन समय में इसी योजना ने गरीबों के लिए संजीवनी का काम किया. मनरेगा के जरिये महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों के भारत की ओर एक ठोस कदम उठाया गया था लेकिन पिछले 11 सालों में मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों, बेरोजगार,वंचितो-शोषितों के हितों को नजर अंदाज करके मनरेगा को कमजोर करने की हर कोशिश की.
मनरेगा पर मोदी सरकार ने चलाया बुल्डोजर
सोनिया गांधी ने कहा कि ये बहुत अफसोस की बात है कि अभी हाल में सरकार ने मनरेगा पर बुल्डोजर चला दिया. योजना से ना केवल महात्मा गांधी का नाम हटाया गया बल्कि मनरेगा का रुप स्वरुप बिना विचार विमर्श, बिना किसी से सलाह मशवरा लिये और बिना विपक्ष को विश्वास में लिये इसे मनमाने ढंग से बदल दिया.
‘बिना जमीनी हकीकत जाने करते हैं फैसला’
कांग्रेस नेता ने कहा कि बिल को जो नया स्वरुप दिया गया है, उसमें ये साफ नहीं है कि कब,कहां और कितने लोगों को रोजगार मिलेगा. मोदी सरकार ने बिना वास्तविक स्थिति का अंदाजा लिये दिल्ली में बैठकर फैसला कर लिया.
हम हर हमले से मुकाबले के लिए तैयार
सोनिया गांधी ने कहा कि हलांकि मनरेगा को लाने में कांग्रेस पार्टी का बड़ा योगदान था लेकिन ये कोई पार्टी से जुड़ा मुद्दा नहीं था, बल्कि ये मनरेगा तो जनहित और देशहित से जुड़ी योजना थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मनरेगा के स्वरुप को बदलकर देश के करोड़ों किसानों, श्रमिको और भूमिहीन ग्रामीण गरीबों के हितों पर हमला किया है.
मोदी सरकार के द्वारा पास किये गये VB-G-RAM-G यानी विकासशील भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड अजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना को लेकर सोनिया गांधी ने कहा कि पूरी कांग्रेस पार्टी और विपक्ष सरकार के इस कदम का जम कर विरोध करेंगे. गरीब , बेरोजगार शोषितों, वंचितों को उनका हक दिलाने के लिए 20 साल पहले मैं भी लड़ी थी और मनरेगा के रुप में एक जनहित वाली योजना को लागू करवाया था. इसलिए अब जब मोदी सरकार मनरेगा की जगह पर एक नया ‘काला कानून’ लेकर आई है तो कांग्रेस पूरी तरह से इसका विरोध करेगी.

