Tuesday, March 10, 2026

अगहन में क्यों भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा मानी गई है सबसे शुभ? इस महीने में कही गई थी भागवत गीता

हिंदू धर्म में हर तिथि किसी न किसी देवी देवताओं को जरूर समर्पित रहती है. वहीं अभी हिंदू कैलेंडर के अनुसार अगहन या मार्गशीर्ष महीना चल रहा है. मान्यता है कि इस माह में किए गए स्नान, दान और दीपदान से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. धार्मिक ग्रंथ के अनुसार इसी महीने में भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद् भागवत गीता कही थी. इसलिए इस महीने में गीता जयंती भी मनाई जाती है. इसके साथ-साथ अगहन महीने में किस देवता की पूजा करना चाहिए और क्यों जानते हैं वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के तीर्थ पुरोहित से?

वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के प्रसिद्ध तीर्थ पुरोहित प्रमोद श्रृंगारी ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि अगहन को भगवान श्रीकृष्ण और भगवान विष्णु को समर्पित पवित्र महीना माना जाता है. इस महीने में भगवान विष्णु की धूमधाम से पूजा आराधना की जाती है. खासकर देवघर क्षेत्र में तुलसी पूजा, लक्ष्मी-नारायण की आराधना और गीता जयंती के आसपास विशेष पूजा का रिवाज़ है. गांवों में किसान अगहन में की कामना के लिए गोवर्धन पूजा और सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ मानते हैं. ऐसा करने से शारीरिक जो भी कष्ट है वह समाप्त हो जाएगी.
अगहन के महीने में भगवान विष्णु की पूजा क्यों की जाती है
इस महीने सुबह गंगाजल से स्नान, घर के आंगन की लिपाई-पुताई और तुलसी चौरा पर दीप जलाने की परंपरा है. भुनी हुई तिल-गुड़ की मिठाई और खीर का भोग लगाया जाता है. कई जगह महिलाएं सोमवार को शिव-पूजन और गुरुवार को विष्णु-पूजन करती हैं. शाम को घर में घी का दीप, धूप-अगरबत्ती और गीता पाठ करने की भी परंपरा है. देवघर जिले के गांवों में अगहन की पूजा धन-धान्य की वृद्धि, घर में शांति, परिवार की सेहत और समृद्धि के लिए करते हैं. किसान इस महीने को नई फसल की शुरुआत का समय मानते हैं, इसलिए लक्ष्मी-नारायण पूजा और सूर्य देव को अर्घ्य देकर अच्छी पैदावार और वर्षभर बरकत की कामना की जाती है.

 

Latest news

Related news