(DELHI) कोविड से लड़ाई जीतने के लिए दुनिया की पहली नेजल वैक्सिन भारत में लांच हो गई है. iNCOVACC नाम की इस नेजल वैक्सिन को भारत बायोटेक ने बनाया है और इसे शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने लांच किया .
दुनिया की पहली कोविड नेजल वैक्सीन!
आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंत्री @DrJitendraSingh जी, डॉ कृष्णा एल्ला व उनकी टीम के साथ 'नेजल वैक्सीन' लॉन्च किया।
यह वैक्सीन भारत के सामर्थ्य और क्षमता की मिसाल है। PM @NarendraModi जी के सशक्त नेतृत्व और नए भारत की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। pic.twitter.com/317uqA4ZKB
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) January 26, 2023
इस वैक्सिन को गणतंत्र दिवस के मौके पर लांच किया गया.नेजल वैक्सीन को डा. जीतेंद्र सिंह, डा.कृष्णा एल्ला की टीम ने तैयार किया है .
इस वैक्सिन के आने से दर्द भरे इजेक्शन से लोगों को रात मिलेगी.
नेजल वैक्सिन को 6 सिंतबर को ही मिली थी इमरजेंसी यूज की इजाजत
भारत बायोटेक के नेजल वैक्सीन को सरकार ने 6 सितंबर को इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दी थी. लेकिन अब तक इसे लोगों को लगाया नहीं जा सका था.
इन्कोवेक(iNCOVACC ) को मंजूरी मिल जाने के बाद अब कोविड वायरस से लड़ने के लिए एक और वैक्सीन का नाम लिस्ट में जुड़ गया है. अब इस वैक्सीन को कोवैक्सीन और कोविसील्ड के साथ कोविन एप पर लिस्ट कर दिया गया है. अब भारत में कोविड से लड़ने के लिए भारत बायोटेक की COVAXIN, सीरम इस्टीट्यूट की Covishield और Covavax, रूस की Sputnik V और बायोलॉजिकल ई लिमिटेड की Corbevax मौजूद है.
नेजल वैक्सिन की कीमत
आपको बता दें कि नेजल वैक्सीन iNCOVACC सबसे पहले निजी अस्पतालो में लगाई जायेगी. भारत बायोटेक ने इसकी कीमत का खुलासा करते हुए बताया है कि सरकारी अस्पतालों को ये नेजल वैक्सीन 325 रुपये की मिलेगी, जबकि प्राइवेट अस्पतालों को 800 रुपये में उपलब्ध होगी. इसके उपर जीएसटी भी देनी होगी.
इसे 18 साल से उपर के लोगों को दिया जा सकता है. फिलहाल ये नोजल वैक्सीन बूस्टर डोज के तौर पर लगाई जायेगी. हलांकि इसे प्राइमरी वैक्सीन के तौर पर भी मंजूरी मिली हुई है. अगर किसी को प्राइमरी वैक्सिन नहीं लगी है तो उसे भी लगाई जा सकती है.
मस्कूलर वैक्सीन से ज्यादा असरदायक है नेजल वैक्सीन
नेजल वैक्सीन को लांच करने से पहले इसका तीन चरणों में ट्रायल किया गया है. तीनों चरणों में ये नेजल वैस्कीन इंकोबैक असरदायल साबित हुई है. कंपनी के दावे के मुताबिक ट्रायल में इस वैक्सिन से लोगों के अपर रेस्परेटरी में कोविड-19 के खिलाफ अच्छी इम्यूनिटी बनी है.जिससे संक्रमण फैलने का खतरा कम हुआ है.
कैसे काम करता है ये नेजल वैक्सीन
वारलस संक्रमण के दौरान ज्यादातर वायरस म्युकोसा के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं. म्युकोसा एक चिपचिपा पदार्थ है जो नाक, फेफड़ों, पाचन तंत्र में पाया जाता है.ये नेजल वैक्सीन म्युकोसा में ही इम्युन रिस्पॉन्स पैदा करती है, और संक्रमण को बढ़ने से रोक देती है. डाक्टरों को मुताबिक इसे लगाना आसान है और म्यूकोसा में ही इम्युनिटी बनाकर संक्रमण रोकने में सक्षम है.

