Republic Day Parade 2023: कर्तव्य पथ पर पहली बार दिखा भारत का दम, परेड में प्रदर्शित सभी हथियार “मेड इन इंडिया”, जानिए क्या है परेड में खास

Republic Day Parade 2023: देश आज अपना 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. दिल्ली में गणतंत्र दिवस को लेकर परेड निकल रही है .लेकिन इस बार का गणतंत्र दिवस की परेड कई मायनों खास है. गणतंत्र दिवस की ये परेड पहली बार कर्तव्य पथ से होकर गुजर रही है. इससे पहले यह राजपथ से गुजरा करता थी. जिसको मोदी सरकार ने विकसित कर कर्तव्य पथ का नाम दिया है.

पहली पंक्ति में नहीं बैठे हैं वीवीआईपी

कर्तव्य पथ पर हो रही इस परेड में कई चीज़ें नई है जैसे इस साल पहली बार रिपब्लिक डे की परेड देखने के लिए सबसे पहली पंक्ति में कोई वीवीआई नहीं बल्कि रिक्शा चालक, फुट पर दुकान लगाने वाले, दुकानदार, सब्जी बेचने वाले और कर्तव्य पथ को विकसित करने वाले मजदूर और उनके परिजन बैठें है. सरकार ने इन्हें श्रमजीवी का नाम दिया है.

सभी प्रदर्शित हथियार है “मेड इन इंडिया”

गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार कई चीजें पहली बार हो रही है. इसी कड़ी में भारतीय सेना की ताकत भी इस बार स्वदेशी अंदाज में ही नज़र आ रही है. भारतीय सेना ने परेड में जितनी भी वेपन और इक्विपमेंट डिस्प्ले किए हैं वो इस बार सारे स्वदेशी यानी मेड इन इंडिया हैं. यहां तक की राष्ट्रपति को गणतंत्र दिवस पर जिस गन से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी वो भी मेड इन इंडिया 105 एमएम फील्ड गन है. इससे पहले 75/24 होवित्जर से सलामी दी जाती थी.

17 राज्यों की झांकियां है परेड में

74वें गणतंत्र दिवस की परेड में इस साल 17 राज्यों की झांकियों को जगह मिली है. परेड में कुल 23 झांकियां हैं. जिनमें से 17 झांकियां देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की है तो वहीं छह झांकियां अलग सरकारी मंत्रालयों और विभागों की हैं.
पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान और दिल्ली की झांकी अबकी बार परेड में जगह नहीं दी गई है.
यूपी की झांकी में दिखा अयोध्या का भव्य दीपोत्सव
वहीं देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की झांकी में अयोध्या थीम नज़र आ रहा है. पिछले तीन साल में ये दूसरा मौका है जब यूपी की झांकी में राम की नगरी अयोध्या को थीम बनाया गया है. उत्तर प्रदेश की झांकी में अयोध्या का भव्य दीपोत्सव दिखाया गया है,

असम की झांकी में हुए कामाख्या मंदिर के दर्शन

वहीं असम की झांकी में प्रसिद्ध अहोम जनरल लाचित बोरफुकन और प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर और प्रदेश के दूसरे सांस्कृतिक स्थलों को दिखाया गया है. आपको बता दें केंद्र सरकार ने पिछले साल अहोम जनरल की 400वीं जयंती मनाई थी. बोरफुक अहोम साम्राज्य के एक कमांडर थे. उन्होंने 1671 में सरायघाट की लड़ाई में अहोम साम्राज्य की सेना का नेतृत्व किया था. और असम पर कब्जा करने के मुगलों की कोशिश को नाकाम कर दिया था.

नशा मुक्त भारत के थीम पर बनी एनसीबी की झांकी आई पहली बार नज़र

परेड में पहली बार एनसीबी की झांकी को भी जगह दी गई है. इस झांकी का थीम है नशा मुक्त भारत. झांकी में दोनों तरफ देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को नशे के खिलाफ संकल्प लेते हुए दिखाया गया है.
इसके साथ ही परेड में गृह मंत्रालय की भी दो झांकियां शामिल है हलांकि इस बार रेल मंत्रालय की झांकी परेड में शामिल नहीं है.

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