Shubhanshu Shukla : संसद में बीते कई दिनों से कामकाज लगभग बाधित है. मतदाता सूचि में गड़बड़ी को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावार है.इस बीच सोमवार को सदन की शुरुआत में ही अंतरिक्ष यात्रा से वापस लौटे कैप्टन शुभांशु शुक्ला का सफल यात्रा को लेकर संसद में चर्चा रखी गई थी, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण चर्चा रोक दी गई और लोकसभा दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई.
Shubhanshu Shukla पर चर्चा ना हो पाने पर बरसे राजनाथ सिंह
लोकसभा में हुए हंगामें के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष के आचरण की आलोचना करते हुए कहा कि ये “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” और “निराशाजनक” है. अंतरिक्ष जैसे विषयों को दलगत राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए . ये एक मौका था जब विपक्ष इस सफलतापूर्वक किये गये मिशन पर चर्चा में भाग ले सकता था और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए अपने रचनात्मक सुझाव दे सकता था.
आज लोकसभा में भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन और ISRO मिशन के पायलट शुभांशु शुक्ला की अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) यात्रा और उसके बाद की वापसी पर विशेष चर्चा के दौरान जिस तरह से विपक्ष ने सदन में हंगामा किया और सदन को चलने नहीं दिया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
यह चर्चा…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) August 18, 2025
शुभांशु शुक्ला को सम्मानित करना चाहती थी सरकार
सदन की शुरुआत से पहले ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सदन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा की सफलता के बारे में विशेष चर्चा आयोजित करके उन्हें सम्मानित करेगी. किरेन रीजिजू ने विपक्ष से भी इस में शामिल होने की अपील की थी. रिजीजू ने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए उनसे राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करके एक राष्ट्रनायक का सम्मान करने का आग्रह किया था.
“It’s Parliament’s duty to honour and felicitate Shubhanshu Shukla; pained by Opposition’s attitude in House.
We should not give political colour to important issues.”
– Union Minister Kiren Rijiju pic.twitter.com/VxGRDTqKGR
— News Arena India (@NewsArenaIndia) August 18, 2025
SIR पर चर्चा के लिए विपक्ष कर रहा है विरोध प्रदर्शन
लोकसभा में सोमवार को जब सदन की कार्रवाई शुरु हुई तो विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके बाद सभापति को दिन भर के लिए लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया.
हलांकि विपक्ष के विरोध के बीच केंद्रीय अंतरिक्ष एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उनसे वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की. डा. सिंह ने कहा कि आपकी यानी विपक्ष की सरकार या भाजपा से असहमति हो सकती है, लेकिन ये एक अंतरिक्ष यात्री और वायु सेना अधिकारी के बारे में है, जिसने देश को गौरवान्वित किया है. कम से कम हमारे वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों का उत्साहवर्धन तो कीजिए” लेकिन विपक्ष वोटर लिस्ट मे गड़बड़ी के सामने कुछ और सुनने के लिए तैयार ही नही था. विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा.
सभापति दिलीप सैकिया ने कहा कि ये 140 करोड़ देशवासियों के लिए गर्व का दिन है . आप लोग हर रोज सदन में पोस्टर और बैनर लेकर आते हैं. आपको पूरा देश देख रहा है. आप लोग इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा ही नहीं करना चाहते हैं.” जब सभापति के बोलने का भी असर नहीं हुआ तो सभापति ने सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया.
“It’s Parliament’s duty to honour and felicitate Shubhanshu Shukla; pained by Opposition’s attitude in House.
We should not give political colour to important issues.”
– Union Minister Kiren Rijiju pic.twitter.com/VxGRDTqKGR
— News Arena India (@NewsArenaIndia) August 18, 2025
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट करके बताया अपना पक्ष
संसद में लगातार हंगामें के बाद जब कांग्रेस नेता शशि थरुर को लगा कि हंगामा रुकने वाला नहीं है तो उन्होने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा जिसमें बताया कि कैसे सभी भारतीयों को ग्रुप कैप्टन शुक्ला पर गर्व है. इस पोस्ट में थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच तनावपूर्ण संबंधों को उजागर किया गया था.
शशि थरुर ने अपने पोस्ट में लिखा – “चूँकि विपक्ष विशेष चर्चा में भाग नहीं ले रहा है, इसलिए मैं कहना चाहूँगा कि कमांडर शुभांशु शुक्ला के हालिया अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) मिशन पर सभी भारतीयों को कितना गर्व है. यह हमारे देश के अपने मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम, गगनयान, के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था. शुक्ला के मिशन ने इसरो को अमूल्य व्यावहारिक अनुभव और डेटा प्रदान किया, जिसे सिमुलेशन में दोहराया नहीं जा सकता. प्रक्षेपण-पूर्व प्रक्रियाओं, अंतरिक्ष यान प्रणालियों और सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण के मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रभावों पर उनके प्रत्यक्ष अवलोकन, गगनयान मिशन को जोखिम-मुक्त और परिष्कृत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं.”
थरुर ने लिखा कि – “अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ साझेदारी में संचालित शुक्ला के मिशन ने वैश्विक अंतरिक्ष कूटनीति में भारत की भूमिका को मज़बूत किया है. यह बहुपक्षीय अंतरिक्ष प्रयासों में शामिल होने की भारत की इच्छा और क्षमता को दर्शाता है और भविष्य में संयुक्त अनुसंधान और निवेश के द्वार खोलता है. कमांडर शुक्ला की ऐतिहासिक उड़ान मानव अंतरिक्ष उड़ान में भारत की महत्वाकांक्षाओं का एक सशक्त प्रतीक है। इसने देश की कल्पना को प्रभावित किया है और नई पीढ़ी को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित और अंतरिक्ष अध्ययन में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया है – जो भारत के दीर्घकालिक अंतरिक्ष लक्ष्यों को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं. शाबाश!”
आपको बता दें कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला नासा के एक्सिओम-4 अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा थे और उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर दो सप्ताह से अधिक समय बिताया. ग्रुप कैप्टन शुक्ला और तीन अन्य लोगों को लेकर अंतरिक्ष यान 25 जून को अमेरिका में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से रवाना हुआ था और चालक दल 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौट आया.
विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) राकेश शर्मा के 1984 में एक सोवियत मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रा करने के बाद ग्रुप कैप्टन शुक्ला अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय हैं.

