Bageshwar Dham women trafficking छतरपुर: बागेश्वर धाम का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ महिलाओं को एंबुलेंस में भरकर भेजा जा रहा था. पुलिस ने महिलाओं को रोका तो उन्होंने कहा कि जबरदस्ती भेजा रहा है. साथ ही मारने की धमकी मिल रही है. वहीं, धाम की तरफ से जवाब आया था कि यहां लगातार चोरी की घटनाएं घट रही थी. ऐसे में कुछ लोगों को चिह्नित किया गया था. इनको इनके घर भेजा जा रहा था. इसे लेकर लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रविकांत ने आरोप लगाया है कि वहां महिलाओं की तस्करी हो रही है. इसके बाद प्रोफेसर के खिलाफ पुलिस में शिकायत हुई है.
(वायरल वीडियो)
𝐇𝐮𝐦𝐚𝐧 𝐓𝐫𝐚𝐟𝐟𝐢𝐜𝐤𝐢𝐧𝐠 𝐑𝐢𝐧𝐠 𝐄𝐱𝐩𝐨𝐬𝐞𝐝 𝐚𝐭 𝐁𝐚𝐠𝐞𝐬𝐡𝐰𝐚𝐫 𝐃𝐡𝐚𝐦!?
Late last night in Chhatarpur, #MadhyaPradesh, Police intercepted an Ambulance from #BageshwarDham carrying 13 terrified women who claim they were dragged by their hair, threatened with… pic.twitter.com/73uIp1JT9U
— তন্ময় l T͞anmoy l (@tanmoyofc) July 31, 2025
Bageshwar Dham women trafficking : प्रोफेसर ने लगाया था आरोप
लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रविकांत ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित छोटा भाई धीरेन्द्र शास्त्री धर्म की आड़ में महिला तस्करी कर रहा है! इसकी गहन जांच करवाकर दोषी पाए जाने पर धीरेन्द्र को फांसी होनी चाहिए.
आरोपों पर बागेश्वर बाबा की आई सफाई
वहीं, इन आरोपों पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सफाई आई है. उन्होंने कहा है कि अनवरत रूप से कुछ साजिशकर्ता लगे हुए हैं, जो धाम के लिए कुछ न कुछ उपद्रव करते रहते हैं. हम हिंदुओं को एक करने में जुटे हैं. किसी ने हमारे बारे में कुछ कहा है. उनके खिलाफ बागेश्वर धाम जन समिति के लोगों ने एफआईआर करवाई है. हमारे ऊपर लोग कितने भी आरोप लगाते रहें, हम सनातनी परंपरा के लिए ही रहेंगे. अभी और भी लोग बहुत कुछ कहेंगे. चाहे कुछ भी हो, हम संकल्प से नहीं डिगेंगे.
प्रोफेसर के खिलाफ पुलिस में शिकायत
वहीं, प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ बागेश्वर धाम जन समिति ने बमीठा थाने में शिकायत दर्ज करवाई है. रविवार देर रात यह एफआईआर करवाई गई है. उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 353 (2) लगाई गई है. यह झूठी अफवाह और भावनाओं को आहत करने के केस में लगता है. मामले में दोषी करार दिए जाने पर इसमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान है. अभी मामले की जांच की जा रही है. हालांकि इसमें तुरंत गिरफ्तारी नहीं होती है.
हालांकि वायरल वीडियो में जो महिलाएं आरोप लगा रही थीं, उनका कहना था कि हमलोग यहां पेशी के लिए आए थे लेकिन जबरदस्ती धाम से हमें भेजा जा रहा है. पुलिस ने भी तस्करी के आरोपों को खारिज कर दिया है.

