Sunday, November 30, 2025

उपराज्यपाल ने जारी की अधिसूचना: दिल्ली में होटल, डिस्कोथेक समेत 7 व्यवसायों को पुलिस लाइसेंस से मुक्ति

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नई दिल्ली: दिल्ली के कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना के आदेश पर दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने अधिसूचना जारी की है. अब दिल्ली में स्वीमिंग पूल, इटिंग हाउस (खाने के ठेले), होटल/मोटल/गेस्ट हाउस, डिस्कोथेक, वीडियो गेम पार्लर, मनोरंजन पार्क और सिनेमा/थियेटर (ऑडिटोरियम) जैसे सात व्यवसायों के लिए दिल्ली पुलिस से लाइसेंस नहीं लेना होगा.

यह अधिसूचना दिल्ली पुलिस अधिनियम 1978 की धारा 28(1) के तहत जारी की गई है. यह अधिसूना उपराज्यपाल के 19 जून 2025 के आदेश के अनुपालन में जारी की गई है. गजट में साफ तौर पर कहा गया है कि पूर्व में इन व्यवसायों के लिए लागू लाइसेंस आदेशों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है. अधिसूचना में रद्द किए गए लाइसेंस आदेशों में स्वीमिंग पूल, इटिंग हाउस, होटल/मोटल/गेस्ट हाउस, डिस्कोथेक, वीडियो गेम पार्लर, मनोरंजन पार्क, सिनेमा/थियेटर (ऑडिटोरियम) शामिल हैं. गजट में दिल्ली पुलिस आयुक्त को ये निर्देश दिए गए हैं कि इन लाइसेंसिंग शर्तों को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए. साथ ही इसकी व्यापक जानकारी को भी सार्वजनिक की जाए.

कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ व ease of business को बढ़ावा देना है. इससे व्यापारिक माहौल को अनावश्यक लाइसेंसिंग व नियंत्रण से मुक्त किया जा सकेगा. कारोबारियों को बेवजह पुलिस लाइसेंस लेने के परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा.

कारोबार के लिए मिलेगा अनुकूल माहौल
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एमसीडी, एनडीएमसी व कैंटोनमेंट बोर्ड जैसे स्थानीय निकायों के पास पहले से ही इन व्यापारिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के अधिकार मौजूद हैं. पुलिस लाइसेंसिंग की ये व्यवस्था उन नियमों के साथ दोहराव पैदा करती थी. साथ ही कारोबार के अनुकूल माहौल में बाधा बनती थी.

CTI ने इस फैसले की सराहना की
इस फैसले की व्यापारिक संगठन भी सराहना कर रहे हैं. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल की तरफ से कहा गया था कि अब कारोबारियों को एमसीडी, डीपीसीसी, फायर डिपार्टमेंट, जीएसटी, एक्साइज आदि से तो पहले ही कई तरह के लाइसेंस लेने पड़ते थे. ऊपर से पुलिस लाइसेंस की अनिवार्यता अलग से कोई औचित्य नहीं बनता था इससे व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था.

इन राज्यों में खत्म की गई लाइसेंसिंग की अनिवार्यता
जारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट भी पहले कह चुके हैं कि पुलिस का काम कानून-व्यवस्था तक सीमित होना चाहिए, लाइसेंसिंग की जिम्मेदारी से अनावश्यक बोझ नहीं डालना चाहिए. अन्य राज्य जैसे गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा में भी पहले ही पुलिस लाइसेंसिंग की यह अनिवार्यता खत्म की जा चुकी है.

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