Friday, February 13, 2026

अब ईरान को लेकर ट्रंप के बदले सुर, कहा इजराइल नहीं कर पायेगा FORDOW को नेस्तनाबूद

Iran Israel War :  अमेरिकी राष्ट्र डोनाल्ड ट्रंप का ईरा-इजराइल युद्ध को लेकर टोन बदल गया है. ईरान और इजराइल के बीच लगातार पिछले 9 दिनों से जंग जारी है. दोनों ओर से ताबड़तोड़ हमले हो रहे हैं. कीव से लेकर तेहरान तक तबाही का आलम है. शहर के शहर इस हमले में बर्बाद हो रहे हैं. ईरान के खिलाफ इजराइल के हमला करने का मकसद ईरान के न्यूक्लिर प्लांट को बर्बाद करना है,और इसके लिए उसने अमेरिकी से मदद भी मांगी है. लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इजराइल को मदद देने के मामले मे बड़ा बयान दिया है.

Iran Israel War : ईरान के खिलाफ अमेरिका करेगा इजराइल की मदद ? 

इजराइल को अपनी फौजे भेजने के संबंध में सवाल पूछ जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि ये आखिरी विकल्प होगा. अभी हमारे पास कम से कम दो हफ्ते  का समय है.

इजराइल नहीं कर सकता Fordow को बर्बाद – ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से कहा गया है कि इजरायल के पास इतनी क्षमता नहीं है कि वो  ईरान के अंडरग्राउंड फोर्डो (FORDOW) न्यूक्लियर प्लांट को अकेले अपने दम पर नेस्तनाबूद कर सके. इजरायल के पास जितनी सीमित क्षमता है उससे वो केवल फोर्दो के कुछ हिस्से को थोड़ा-बहुत ही नुकसान पहुंचा सकते हैं लेकिन उसे खत्म नहीं कर सकते.

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अमेरिका अब भी ये दावा कर रहा है कि ईरान के पास परमाणु बम बनाने की पूरी क्षमता मौजूद है. ईरान आने वाले कुछ हफ्तों में न्यूक्लियर बम बना सकता है.

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक ईरान के पास परमाणु बन बनाने के लिए हर जरूरी सामान उपलब्ध है. अगर ईरान न्यूक्लीयर बम बना लेता है तो इससे पूरी दुनिया के लिए खतरा बढ़ेगा.

12 जून से चल रही है ईरान और इजराइल में जंग 

ईरान और इजराइल के बीच इस महीने की 12 तारीख से जंगी हमले हो रहे हैं. इजरायल लगतार ईरान के परमाणु सैन्य ठिकानों के निशाना बनाकर हमले कर रहा है. इजराइल ने ईरान पर अपने इस हमले को ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ का नाम दिया है.दो दिन तक इजराइल के हमले के बाद ईरान ने भी युद्ध का ऐलान कर दिया और अब दोनों तरफ से खूनी संघर्ष जारी है.

FORDOW परमाणु प्लांट पर हमला करना क्यों है मुश्किल

ईरान ने अपना परमाणु संयत्र प्लांट कौम शङर के उत्तर पूर्व में पहाड़ों के बीच बनाया है. इस परमाणु संयत्र का निर्माण इस तरह से किया गया है कि इस पर  किसी हवाई हमले का भी असर ना हो. ये प्लांट कौम की पहाड़ियो के काफी नीचे बनाया गया है और इसकी सुरक्षा में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) तैनात रहते है. फोर्दो का काम परमाणु संयंत्र के लिए जरुरी यूरेनियम का संवर्धन है. यूरेनियम का उपयोग परमाणु ऊर्जा के साथ साथ परमाणु हथियार बनाने के लिए भी किया जाता है. ईरान ने 2009 में बेहद गुप्त तरीके से इस यूरेनियम संवर्धन प्लांट का निर्माण किया था. अमेरिका शुरु से ईरान के परमाणु ताकत बनने के खिलाफ रहा है.

 ईरान ने भारत के लिए खोला हवाई क्षेत्र  

तबाही और बर्बादी के बीच ईरान ने भारतीय नागरिकों और छात्रों की सुरक्षा के लिए अपना एयर स्पेस खोला और भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंधु के तहत भारतीय छात्रों को वापस देश की धरती तक पहुंचाया. अब तक ईरान से 400 लोग भारत आ चुके हैं और अगले दो दिन में आपरेशन सिंधु के तहत एक हजार और लोगों को लाया जाना है.

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