चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में आयोजित एक भव्य और गरिमामयी समारोह के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए देश और राज्य के युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
युवाओं से बड़े सपने देखने और निडर बनने की अपील
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें जीवन में हमेशा बड़े सपने देखने चाहिए, लीक से हटकर अलग सोचना चाहिए और पूरी तरह निडर होकर अपने विचारों पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं काशी का प्रतिनिधि हूं। महान तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती के विचार और शब्द हमें सदैव निडर होकर जीने की प्रेरणा देते हैं। मैं यहां मौजूद सभी युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे खुद को निडर बनने का पूरा अवसर दें। अपने मौलिक विचारों को जमीन पर उतारें, बड़े लक्ष्य रखें और साहसी बनें।'
प्रधानमंत्री ने जयगोपाल गरोड़िया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ किस प्रकार देशभक्ति से ओत-प्रोत नागरिकों का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का जिक्र करते हुए एक प्रेरक प्रसंग साझा किया, जिसमें गिरिजा अम्मा ने बच्चों को एक अनूठे विचार से प्रेरित किया था। उस पहल के तहत हर बच्चे ने एक-एक रुपया बचाकर देश के वीर सैनिकों को समर्पित किया था। हजारों बच्चों की इस छोटी सी पहल से लगभग 40 लाख रुपये की राशि जुटाई गई थी, जो यह साबित करती है कि छोटे-छोटे सामूहिक योगदान भी देश में बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
भारत में आज असीम अवसर और संभावनाएं: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि एक 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए जिन नए विचारों और समाधानों की आवश्यकता है, वे न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया का भविष्य तय करेंगे। आज पूरी दुनिया भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से समाधान तलाश रही है, और हमारे युवाओं के पास वे तमाम समाधान देने की असीम क्षमता मौजूद है। उन्होंने कहा कि आज भारत में अवसरों की कोई कमी नहीं है। हर युवा को अपने भविष्य को बड़े लक्ष्यों के साथ देखना चाहिए, क्योंकि यह उनका स्वर्णिम समय और अवसर है। प्रधानमंत्री ने पक्का भरोसा जताया कि सभी देशवासी मिलकर 'विकसित भारत' के सपने को जरूर साकार करेंगे।
ऐतिहासिक दिन और नवरात्रि की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि आज का यह दिन तमिलनाडु के लिए बेहद ऐतिहासिक है। चूंकि आज से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो रहा है, इसलिए उन्होंने तमिलनाडु को 'शिव और शक्ति' की पवित्र भूमि बताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में आने से पहले उन्हें प्राचीन जलकंडेश्वर मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। इस पावन तीर्थभूमि से उन्होंने देश और प्रदेश के सभी नागरिकों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को मजबूती
प्रधानमंत्री ने बताया कि आज जिन विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया है, वे राज्य के नागरिकों का दैनिक आवागमन और सफर बेहद आसान बनाएंगी। इसके साथ ही इनसे राज्य में उद्योग, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। इन सभी विकासात्मक कार्यों के पूरा होने से तमिलनाडु के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के ढेरों नए अवसर सृजित होंगे।
भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता
देश की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने गर्व के साथ कहा कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता देश बन चुका है। वर्ष 2014 के बाद से देश का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 11 गुना तक बढ़ गया है, जबकि रक्षा उपकरणों के निर्यात में 50 गुना की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा, इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात ने भी नए रिकॉर्ड बनाए हैं। विनिर्माण क्षेत्र में आई इस तेजी से देश के युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा हुए हैं। आज देश भर में बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे को भी लगातार आधुनिक बनाया जा रहा है, जिससे मैरीटाइम और शिपिंग सेक्टर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
"हमेशा राज्य के विकास से देश के विकास का मंत्र लेकर चला"
प्रधानमंत्री ने अपने पिछले राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले ही देशवासियों के अपार प्रेम और आशीर्वाद से उन्होंने सरकार के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के 25 महत्वपूर्ण वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा इस मूल मंत्र के साथ आगे बढ़े हैं कि "राज्य के विकास से ही देश का वास्तविक विकास होता है।"
शहरीकरण एक चुनौती नहीं, बल्कि बड़ा अवसर
शहरी विकास को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका हमेशा से यह दृढ़ विश्वास रहा है कि शहरीकरण कोई समस्या या चुनौती नहीं, बल्कि देश के लिए एक सुनहरा अवसर है। इस अवसर को पूरी तरह साकार करने में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की भूमिका सबसे अहम होती है, क्योंकि बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट आम नागरिकों के जीवन को सरल और सुगम बनाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए केवल सड़कों को चौड़ा करना ही काफी नहीं है, बल्कि आधुनिक शहरों की जरूरतों के अनुसार हर तरह के बुनियादी ढांचे का विकास जरूरी है। इसी दूरदर्शी सोच के साथ उनकी सरकार ने पिछले एक दशक में देश के कोने-कोने में मेट्रो रेल कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार किया है। वर्ष 2014 में देश के केवल 5 शहरों में मेट्रो सेवाएं उपलब्ध थीं, जो अब बढ़कर 25 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि एक मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने हमेशा राज्यों की अपेक्षाओं को गहराई से समझा था, इसलिए प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने न केवल उन आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया, बल्कि यह सुनिश्चित किया कि हर राज्य अपने विकास लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल कर सके।

