नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों से नाम हटाने के दावों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा के बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि पार्टी के पास आरोपों के समर्थन में पुख्ता तथ्य और सबूत मौजूद हैं।
प्रियंका गांधी का भाजपा पर तीखा हमला
मीडिया से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने भाजपा की प्रतिक्रिया को 'पुरानी और कमजोर कहानी' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि:
सबूतों का खुलासा: उनके भाई राहुल गांधी कई प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश के सामने इन सबूतों को सार्वजनिक कर चुके हैं, जिन्हें पूरा देश देख सकता है।
वोटर्स के नाम हटाने का आरोप: उन्होंने दोहराया कि देश भर में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, और भाजपा को इस पर बेतुके बहाने बनाना बंद करना चाहिए।
गंभीर आरोप और आगे की रणनीति: उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनावों में इस तरह का हस्तक्षेप और धांधली देशद्रोह जैसा कृत्य है। आगामी विरोध प्रदर्शन या रणनीति को लेकर उन्होंने संकेत दिया कि इस पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
संजय राउत का बयान और राहुल गांधी की टिप्पणी
इस विवाद के बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर चुनाव आयोग ने 'वोट चोरी' का काम किया है। राउत ने कहा कि राहुल गांधी का स्वभाव क्षमाशील है और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को यह मौका दिया है कि वे 'सरकारी गवाह' बनकर उन लोगों के नाम बेनकाब करें जिन्होंने उन्हें ऐसे आदेश दिए थे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि 2029 में देश में नई सरकार आने पर इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह पूरा राजनीतिक विवाद चुनाव आयोग के आंतरिक फैसलों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर उठा है, जिसमें मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया गया है कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने आयोग के कुछ फैसलों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इसी आधार पर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहा है।

